Justice Verma कैश विवाद: सफाई कर्मी ने किया खुलासा, बताया कैसे मिले 500 रुपये के जलते हुए नोट

By Editor
6 Min Read
Justice Verma

सफाईकर्मियों का दावा: जली हुई 500 रुपये की नोटों के टुकड़े मिले, Justice Verma विवाद में नया मोड़

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश Justice Verma के निवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद देश में तूफान मच गया था, और अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। सफाईकर्मियों ने दावा किया है कि Justice Verma के घर के पास मलबे में 500 रुपये के जलते हुए नोटों के टुकड़े मिले। इस खुलासे ने पूरे मामले में नई अटकलों को जन्म दिया है और Justice Verma की प्रतिष्ठा को लेकर उठ रहे सवालों को और हवा दी है।

सफाईकर्मियों ने मलबे में पाए जलते नोट के टुकड़े

सफाईकर्मी इंदरजीत और सुरेंद्र ने एएनआई को दिए अपने बयान में कहा कि वे 4-5 दिन पहले जब सफाई कर रहे थे तो उन्हें जलते हुए 500 रुपये के नोटों के टुकड़े मिले। इंदरजीत ने कहा, “हम इस एरिया में काम करते हैं, और जब हम कचरा इकट्ठा कर रहे थे, तब हमें जले हुए नोटों के छोटे-छोटे टुकड़े मिले थे।” सुरेंद्र ने भी इसी घटना को लेकर पुष्टि की और बताया कि उन्हें भी वही जलते हुए नोटों के टुकड़े मिले थे। हालांकि, सफाईकर्मियों ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें यह नहीं पता कि आग कहां लगी थी और यह नोट कैसे जल गए थे।

Justice Verma का सफाई: बेबुनियाद आरोपों का किया विरोध

Justice Verma ने अपनी ईमानदारी की रक्षा करते हुए आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि एक न्यायाधीश के लिए प्रतिष्ठा और चरित्र अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों ने उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। वर्मा ने स्पष्ट किया कि न तो उन्होंने किसी स्टोररूम से रुपए हटाए और न ही उन्हें कभी जलती हुई नोटें दिखाई गईं। उन्होंने कहा, “घटना के दौरान जो मलबा बरामद हुआ, वह निवास के एक विशेष हिस्से तक ही सीमित था, और वहां किसी भी नोट का कोई सबूत नहीं था।”

सुप्रीम कोर्ट की जांच: Justice Verma के निवास पर नकदी की कथित खोज

इस बीच, शनिवार रात को सुप्रीम कोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर एक इन-हाउस जांच रिपोर्ट अपलोड की, जिसमें Justice Verma के निवास पर नकदी की कथित खोज के बारे में फोटो और वीडियो शामिल थे। रिपोर्ट में 25 पन्नों की एक रिपोर्ट थी, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना से कहा गया था कि वे इस मामले की जांच के लिए एक इन-हाउस समिति का गठन करें। इसके साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय से यह भी कहा गया कि जस्टिस वर्मा को कोई न्यायिक कार्य न सौंपें।

Justice Verma पर आरोपों का असर: न्यायपालिका में विवाद की स्थिति

इस मामले ने न्यायपालिका के भीतर एक नई विवाद की स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि जस्टिस यशवंत वर्मा जैसे उच्चतम न्यायालय के न्यायधीश के खिलाफ ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यदि इन आरोपों को सही माना जाता है तो यह न केवल Justice Verma के करियर के लिए एक बड़ा धक्का होगा, बल्कि न्यायपालिका की प्रतिष्ठा पर भी गंभीर असर पड़ेगा। वहीं, इस विवाद में जुड़ी हुई जांच और आरोपों की वजह से न्यायिक स्वतंत्रता और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं।

नकदी की खोज और Justice Verma की सफाई के बाद चर्चा जारी

जबसे यह विवाद सामने आया है, तबसे देशभर में इस मामले की चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ सफाईकर्मियों ने जलते हुए नोटों के टुकड़ों का दावा किया है, वहीं Justice Verma ने अपनी ईमानदारी की रक्षा करते हुए इन आरोपों को नकारा है। अब यह देखना होगा कि आगे की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस विवाद का अंतिम नतीजा क्या होगा।

राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी सवाल उठे

इस मामले की चर्चा अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी तेज हो गई है। कुछ विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि Justice Verma के खिलाफ की जा रही जांच में राजनीतिक रंग हो सकता है, जबकि कई लोग इसे न्यायपालिका की स्वच्छता और जवाबदेही का अहम हिस्सा मानते हैं। अब यह सवाल उठता है कि इस मामले में न्यायपालिका किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या यह केवल एक शुद्ध कानूनी मामला रहेगा या राजनीतिक विवाद का रूप लेगा।

जांच समिति का गठन और आगे की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की जाने वाली जांच समिति इस मामले की गहनता से जांच करेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस समिति को Justice Verma के निवास से मिली हुई नकदी और जलते हुए नोटों के टुकड़ों की पूरी जांच करनी होगी, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। इसके बाद ही यह तय होगा कि Justice Verma के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की जाती है या नहीं।

Read More: सौरभ भारद्वाज ने Arvind Kejriwal की नई दिल्ली से हार पर क्या कहा?

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *