भारजा गांव में देर रात तक चली बैठक, ग्रामीण बोले — “धरती नहीं बिकने देंगे”, आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी
सिरोही: पिण्डवाड़ा क्षेत्र में प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार देर रात ग्राम भारजा में हुई बड़ी बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने एक सुर में परियोजना का विरोध किया और आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की खेती, जलस्रोतों, पहाड़ों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी। आदिवासी बाहुल्य इस इलाके में लोगों की आजीविका और अस्तित्व दोनों पर खतरा मंडरा जाएगा।वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनभावनाओं की अनदेखी कर खनन स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इस परियोजना को रद्द नहीं किया गया, तो 14 अक्टूबर को उपखंड कार्यालय पिण्डवाड़ा का घेराव किया जाएगा। बैठक में युवाओं और बुजुर्गों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी धरती और पर्यावरण को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिलेगा। जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों से वाटेरा, भीमाना, भारजा, रोहिड़ा सहित कई गांवों में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें सैकड़ों ग्रामीण शामिल हो रहे हैं और एक ही मांग उठा रहे हैं — “खनन परियोजना रद्द करो।”