Kashmir घाटी में भीषण शीत लहर जारी, मौसम में हल्की राहत की उम्मीद
Kashmir घाटी में भीषण शीत लहर का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रविवार को तापमान में मामूली वृद्धि के बावजूद, ठंड का असर बढ़ता ही जा रहा है। जम्मू-Kashmir के विभिन्न हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, खासकर घाटी के ऊंचे इलाकों में। हालांकि, मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मौसम में कुछ राहत की संभावना जताई है, और कहा है कि कश्मीर घाटी में 26 दिसंबर तक शीत लहर जारी रहेगी।
मौसम में हल्की राहत, लेकिन ठंड का प्रकोप जारी
श्रीनगर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 26 दिसंबर तक कश्मीर घाटी में बादल छाए रहने और मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। Kashmir में शीत लहर की स्थिति सामान्य से अधिक ठंडी बनी हुई है। हालांकि, 26 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि होने का अनुमान है, फिर इसके बाद तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग ने बताया कि इस दौरान एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (WD) कश्मीर क्षेत्र की ओर बढ़ने वाला है। 27 दिसंबर से 18 दिसंबर तक जम्मू के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है, और चिनाब घाटी तथा पीर पंजाल रेंज के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है।
श्रीनगर में तापमान में मामूली सुधार
रविवार को श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कि पिछले दिन के मुकाबले एक डिग्री का मामूली सुधार था। हालांकि, यह तापमान इस समय के औसत से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम था। श्रीनगर में इस दौरान ठंड में हल्की राहत मिली, लेकिन सर्दी का असर अभी भी महसूस किया जा रहा है।
पहलगाम और अन्य Kashmir क्षेत्रों में तापमान में गिरावट
पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। पहलगाम, जो Kashmir घाटी का सबसे ठंडा स्थान है, में रविवार को रात का तापमान शून्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जो कि एक दिन पहले से एक डिग्री अधिक था। इस दौरान पहलगाम में तापमान सामान्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। इस क्षेत्र में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Kashmir के काजीगुंड में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट आई, और यह शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो कि औसत से 2.4 डिग्री सेल्सियस कम था। कोकेरनाग में तापमान शून्य से 4.0 डिग्री सेल्सियस नीचे रिकॉर्ड किया गया, जो कि एक दिन पहले से थोड़ा अधिक था और दक्षिण कश्मीर के औसत से 1.8 डिग्री सेल्सियस कम था।
गुलमर्ग और कुपवाड़ा में भी शीत लहर का प्रकोप
Kashmir के उत्तरी हिस्सों में स्थित गुलमर्ग में भी तापमान में गिरावट देखी गई। सोमवार को गुलमर्ग में तापमान शून्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस नीचे था, जबकि रविवार को यह शून्य से 4.6 डिग्री सेल्सियस नीचे था। यहां के घास के मैदानों में तापमान सामान्य से अधिक था, लेकिन फिर भी कश्मीर की घाटी के लिए यह ठंड की स्थिति को काफी सर्द बना रही है।
Kashmir के कुपवाड़ा जिले में भी शीत लहर का प्रभाव जारी रहा, और यहां का तापमान लगातार दूसरे दिन शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे था। यह तापमान इस मौसम के दौरान सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम था। कुपवाड़ा में तापमान में कमी से लोगों को ठंड का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर और बर्फबारी की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि कश्मीर में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आ सकता है, जिससे 27 दिसंबर के बाद जम्मू के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा, चिनाब घाटी और पीर पंजाल रेंज के ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद, 30 दिसंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई जा रही है।
साल के अंत में कश्मीर घाटी के कुछ ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है, जो सर्दी को और बढ़ा सकती है। इस दौरान मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है, और लोगों से बर्फबारी के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
Kashmir में ठंड से होने वाली परेशानियाँ
Kashmir घाटी में शीत लहर के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ठंड के कारण कई लोग बीमार हो गए हैं, और विशेषकर गरीब तबका, जो ठंड से बचने के लिए गर्मी के साधनों की कमी से जूझ रहा है, उन्हें भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, जिससे तापमान में और अधिक गिरावट हो रही है।
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