संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी सिर्फ एक नेता पर नहीं, बल्कि सभी के लिए एक सबक है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होकर कोई भी व्यक्ति देश के खिलाफ कुछ भी अनर्गल नहीं बोल सकता और यदि बोलेगा, तो न्यायपालिका चुप नहीं बैठेगी।
रिजिजू ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राजग संसदीय दल की बैठक में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि अब अदालत भी गलत बयानों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने कहा, “यह हर भारतीय के लिए सीखने की बात है कि देश विरोधी बयान देना गंभीर मामला है। न्यायालय ने राहुल गांधी को लेकर जो टिप्पणी की है, वह विपक्षी नेताओं के साथ-साथ सभी जिम्मेदार नागरिकों को सोचने पर मजबूर करती है।”
रिजिजू ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी सिर्फ संविधान की किताब हाथ में लेकर दिखावा करती है, लेकिन असल में वह संविधान को नहीं मानती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी न्यायपालिका का अपमान कर चुकी है और अब भी वही कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश से ऊपर एक परिवार को मानती है।
उन्होंने यह भी बताया कि राजग की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता की सराहना की गई और इसके लिए सुरक्षाबलों को बधाई दी गई।
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सदन में सुरक्षा बलों को बुलाया गया। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद के भीतर केवल मार्शल होते हैं, पुलिस बल का कोई प्रवेश नहीं होता।
संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी बताया कि संसद सत्र को शुरू हुए तीन हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन विपक्ष लगातार बाधा डाल रहा है और विधेयकों को पारित नहीं होने दे रहा है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि संसद चलने दी जाए, क्योंकि हर दिन की कार्यवाही का रुकना करोड़ों रुपये के नुकसान का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि सरकार आज विधेयक पारित कराने के लिए प्रतिबद्ध है और उम्मीद है कि विपक्ष इस प्रक्रिया में सहयोग करेगा।