आहोर उपखंड के 50 से अधिक गांवों में खरीफ फसलें नष्ट, किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
जालोर। राजस्थान के जालोर जिले के आहोर उपखंड क्षेत्र में हुई भारी बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में बरसाती पानी भरने से मूंग और तिल की खड़ी फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। करीब 50 से अधिक गांवों के किसान अब प्रशासन से गिरदावरी करवाकर मुआवज़ा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
क्षेत्र के शंखवाली, चांदराई, कंवला, गुड़ा रामा, चूंडा, किंशनगढ़, भोरड़ा, घाणा और बरवा समेत कई गांवों में हालात बेहद खराब हैं। खेतों में भरे पानी के कारण न केवल खरीफ की फसल बर्बाद हुई है, बल्कि आगामी रबी की चने की फसल बोने पर भी संकट गहरा गया है। किसानों का कहना है कि जब तक खेतों से पानी सूखेगा नहीं, तब तक बुवाई संभव नहीं होगी।
किसानों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें बार-बार नुकसान झेलना पड़ रहा है। 2023 में आए बिपरजॉय तूफान से हुए नुकसान का मुआवज़ा भी आज तक नहीं मिला है। इसी को लेकर आहोर के किसान जली हुई फसल की गठरी लेकर जालोर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहाँ उन्होंने जिला कलेक्टर प्रदीप के. गावंडे को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द गिरदावरी करवाने और उचित मुआवज़ा देने की मांग की।