भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को जानकारी दी कि वह बैंक खातों और लॉकरों में नामांकित व्यक्ति के दावे के निपटान को लेकर एक मानक प्रक्रिया लाने जा रहा है। ग्राहक की मृत्यु की स्थिति में नॉमिनी को दावा निपटाने में आसानी हो, इसके लिए यह कदम उठाया जा रहा है। मौजूदा समय में हर बैंक की अपनी अलग-अलग प्रक्रिया और कागजी ज़रूरतें होती हैं, जिससे नॉमिनी को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
अब आरबीआई इस प्रक्रिया को सरल और एकरूप बनाने के लिए एक मसौदा सर्कुलर जारी करेगा। इस पर जनता और अन्य हितधारकों से राय ली जाएगी और फिर अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता और सुविधा को बढ़ाना है।
इसी के साथ, आरबीआई ने बताया कि सरकारी ट्रेजरी बिल्स (टी-बिल्स) में निवेश को आसान बनाने के लिए ‘रिटेल डायरेक्ट पोर्टल’ में ऑटो बिडिंग की सुविधा शुरू की गई है। इसके ज़रिए खुदरा निवेशक अब टी-बिल्स की बोली और पुनर्निवेश को स्वचालित रूप से कर सकेंगे।
गौरतलब है कि रिटेल डायरेक्ट पोर्टल नवंबर 2021 में शुरू किया गया था ताकि खुदरा निवेशकों को गिल्ट खाता खोलकर सीधे सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश की सुविधा मिल सके।