वीरांगना के शौर्य को सलाम: लक्ष्मीबाई जयंती पर युवाओं में उमड़ा जोश

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पादूकलां: वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर बुधवार को कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। ग्राम कंवरियाट स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व ग्रामीणों ने रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई भारतीय इतिहास की अमर वीरांगना हैं, जिन्होंने 1857 के स्वाधीनता संग्राम में अपने अदम्य साहस और पराक्रम से अंग्रेजी सत्ता को सीधी चुनौती दी। प्रधानाचार्य मोहनराम ने कहा कि उनका जीवनचरित्र सदियों तक युवाओं को प्रेरित करता रहेगा। मातृभूमि की रक्षा करते हुए मात्र 30 वर्ष की आयु में वीरगति प्राप्त कर उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

महेंद्र कुमार व दीपेंद्र सिंह ने बताया कि 1828 में वाराणसी में जन्मी मणिकर्णिका (लक्ष्मीबाई) ने कम उम्र में ही अद्भुत शौर्य दिखाया और अंग्रेजों के विरुद्ध निर्णायक लड़ाइयाँ लड़ीं। उनका त्याग और देशभक्ति आज भी युवा पीढ़ी में उत्साह और जोश भरती है।

प्रतियोगिताओं में चमकी बच्चों की प्रतिभा
जयंती के अवसर पर विद्यालय में निबंध, भाषण और सामान्य ज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। निर्णायकों द्वारा मूल्यांकन के बाद विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में प्रधानाचार्य मोहनराम, महेंद्र कुमार जनागल, सहीराम, गजेंद्र शर्मा, पूराराम, जगदीश, दीपशिखा कंवर, सुमन खन्दोलिया, सुनीता, संतोष, निर्मला, कानापुरी गोस्वामी, युवराज सिंह, शिवराज, श्रवणराम, राधेश्याम सेन सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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