पादूकलां: कस्बे के पुराने पुलिस थाना रोड स्थित दशकों पुराना पटवार भवन अब पूरी तरह जर्जर होकर खंडहर में बदल चुका है। लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इस सरकारी भवन पर विभागीय लापरवाही साफ झलकती है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि यह भवन अब जंगली सूअरों का स्थायी अड्डा बन गया है। कचरे के ढेर, गंदगी और बदबू से यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस भवन में कभी पटवारी बैठकर काम करते थे, आज वहां उखड़ा फर्श, टूटी दीवारें और सूअरों का जमावड़ा दिखाई देता है। आसपास रहने वाले लोग रोज़ाना दुर्गंध और गंदगी झेल रहे हैं, लेकिन विभाग के स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
भवन के क्षतिग्रस्त होने के बाद पटवार कार्यालय को राजीव गांधी सेवा केंद्र के पास बने किसान सेवा केंद्र में शिफ्ट कर दिया गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों बीत जाने के बाद भी पुराने भवन की मरम्मत या पुनर्विकास की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार नए भवनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन पहले से बने सरकारी भवनों का रखरखाव शून्य है। उनका मानना है कि थोड़ी निगरानी और समय पर मरम्मत होने पर यह भवन आज भी उपयोगी हो सकता था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खंडहर बने इस भवन की तुरंत सफाई करवाकर या तो इसे दुरुस्त किया जाए या किसी सार्वजनिक उपयोग के कार्य में लिया जाए। लोगों का कहना है कि यह जर्जर भवन कभी भी हादसे का कारण बन सकता है, इसलिए जल्द कार्रवाई अनिवार्य है।