अतिरिक्त मुख्य सचिव, जनजातीय क्षेत्रीय विकास कुंजीलाल मीणा ने नीति आयोग द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के संबंध में सोमवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। यह बैठक अम्बेडकर भवन में आयोजित की गई, जिसमें राजस्थान में सतत विकास लक्ष्यों पर राज्य की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
मीणा ने ग्रुप 5 से संबंधित SDG-5 और SDG-10 के संकेतकों जैसे कमजोर शिशु लिंगानुपात, घरेलू हिंसा, अनुसूचित जाति और जनजाति उत्पीड़न में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए ताकि राज्य इन लक्ष्यों में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सके। उन्होंने संबंधित विभागों को संकेतकों के प्रदर्शन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि विभागों को अपनी योजनाओं और रणनीतियों को सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप बनाना चाहिए और अन्य राज्यों की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें अपनाना चाहिए।
मीणा ने कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने के लिए सामाजिक परंपराओं में बदलाव जरूरी है। पगड़ी, कन्यादान, बिंदौरी जैसी रस्मों में महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रयास किया जाना चाहिए। इसके लिए जिला कलेक्टर से लेकर ब्लॉक स्तर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्तर तक कार्य किया जाना चाहिए।
उन्होंने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि कंपनियों में डायरेक्टर, मैनेजर जैसे उच्च पदों पर महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि असमानता कम हो सके। इसके लिए एसएलबीसी, सीआईआई और फिक्की को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा विभाग को महिला एवं पुरुष असमानता दूर करने के लिए आधुनिक महिला स्वास्थ्य विषयों पर ध्यान देने को कहा गया। साथ ही, टेलीकॉम कंपनियों से डेटा लेने का सुझाव दिया गया ताकि यह पता चल सके कि कितने महिलाओं और पुरुषों के पास मोबाइल फोन हैं।
मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रुप 5 से संबंधित SDG-5 और SDG-10 में सुधार के लिए 5-5 नवाचार और उपाय साझा करें। बैठक में निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी, अतिरिक्त निदेशक केसर लाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।