बिहार पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: मोस्टवांटेड अपराधी ढेर, STF जवान घायल

By Editor
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गोपालगंज में पुलिस और अपराधियों की मुठभेड़: कुख्यात मनीष यादव ढेर, STF जवान घायल

STF: बिहार के गोपालगंज जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी मनीष यादव मारा गया। इस एनकाउंटर में विशेष कार्यबल (STF) का एक जवान भी गोली लगने से घायल हो गया। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, जवान की हालत अब खतरे से बाहर है और उसका इलाज चल रहा है। यह मुठभेड़ गोपालगंज जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र के रामपुर खुर्द गांव के पास हुई, जहां पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान मनीष यादव को मार गिराया।

कुख्यात अपराधी मनीष यादव: एक भयंकर अपराधी की कहानी

मनीष यादव गोपालगंज जिले के भगवान टोला गांव का रहने वाला था और उस पर कई हत्या, लूट, और डकैती जैसे संगीन अपराधों का आरोप था। पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी। वह एक गैंग का नेता था, जिसका नाम था ‘बाबू गैंग’। इस गैंग ने कई सालों तक बिहार और आसपास के इलाकों में आतंक मचाया था। मनीष यादव के गैंग के सदस्य पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ चुके थे, लेकिन यादव हर बार पुलिस से बचकर भागने में कामयाब रहता था।

यादव पर खासकर गोपालगंज के पूर्व मुखिया अरविंद यादव की हत्या का आरोप था। हत्या के बाद, गोपालगंज पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹50,000 का इनाम घोषित किया था। वह और उसके गैंग के लोग इलाके में डर फैलाने वाले अपराधों में शामिल थे, जैसे कि लूट, डकैती, और हत्या।

STF और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस और STF को मनीष यादव के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी कि वह गोपालगंज जिले के एक गांव में छिपा हुआ है। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी शुरू कर दी और मनीष यादव को पकड़ने के लिए एक बड़ा ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने एक रणनीति के तहत उस क्षेत्र में घेराबंदी की, जिससे यादव के फरार होने की संभावना को खत्म किया जा सके।

जैसे ही पुलिस ने यादव को घेरने की कोशिश की, दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। यादव ने पुलिस टीम पर गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप STF का एक जवान घायल हो गया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, और अंततः मनीष यादव को मार गिराया।

STF जवान की हालत में सुधार

इस मुठभेड़ के दौरान STF का एक जवान भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल जवान को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया कि जवान की स्थिति अब खतरे से बाहर है और वह पूरी तरह से ठीक होने की दिशा में है। इस घायल जवान का नाम और उसकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन उसकी बहादुरी की तारीफ की जा रही है।

बाबू गैंग का सफाया

मनीष यादव का गैंग ‘बाबू गैंग’ एक खतरनाक गिरोह था, जो विभिन्न तरह के संगीन अपराधों में लिप्त था। यादव के गिरोह के सदस्य अब तक पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं, लेकिन यादव खुद हर बार पुलिस से बचने में सफल रहा था। उसे ‘बाबू गैंग’ का मास्टरमाइंड माना जाता था, जो लूट, डकैती और हत्याओं के कई मामलों में शामिल था।

पुलिस का कहना है कि मनीष यादव का मारा जाना इस क्षेत्र में अपराधों की रोकथाम के लिए एक बड़ा कदम है। उसके गिरोह का सफाया होने से अब इलाके में अपराधी तत्वों की कमर टूट सकती है, जो लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे थे।

पुलिस का संदेश: अपराधियों के लिए सख्त चेतावनी

पुलिस अधिकारियों ने इस मुठभेड़ के बाद स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। गोपालगंज पुलिस और STF दोनों ने मनीष यादव के मारे जाने को एक बड़ी सफलता बताया है। पुलिस ने अपराधियों को चेतावनी दी है कि वे कानून के दायरे में आकर ही अपनी जिंदगी बिताएं, वरना उन्हें भी मनीष यादव जैसा परिणाम भुगतना पड़ सकता है।

पुलिस का कहना है कि इस मुठभेड़ ने यह साबित कर दिया है कि राज्य की कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी और उन्हें पकड़ने के लिए किसी भी हद तक जाएगी।

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