महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार ने ‘तेजस्वी प्रण’ घोषणापत्र किया जारी — हर परिवार को नौकरी, महिलाओं को ₹2,500 भत्ता और 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा
पटना: महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर चुनाव के बीच रिश्वत की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा कि सरकार की ‘मुख्यमंत्री उन्नति बेटी योजना’ के तहत 10 लाख महिलाओं को पैसा बांटना सीधे-सीधे वोट खरीदने जैसा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि, “बीते 20 वर्षों में यह पैसा क्यों नहीं दिया गया, और चुनाव के बीच इतनी जल्दबाजी क्यों? यह किसी नीति का हिस्सा नहीं, बल्कि मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है।” तेजस्वी ने कहा कि यह ‘उधार का पैसा’ है जिसे “बाद में बहनों-माताओं से वसूला जाएगा।”
तेजस्वी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि “ऐसे खुलेआम रिश्वत जैसे कदमों पर आयोग की चुप्पी उसकी नैतिकता पर सवाल खड़े करती है।”
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने महागठबंधन का घोषणापत्र — ‘तेजस्वी प्रण’ जारी किया, जिसमें युवाओं और महिलाओं को ध्यान में रखकर कई वादे किए गए हैं। घोषणापत्र के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी।
- महिलाओं को ₹2,500 मासिक भत्ता।
- हर घर को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली।
- संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण।
- जीविका समूह की महिलाओं को ₹30,000 मासिक वेतन और स्थायी सरकारी कर्मचारी का दर्जा।
तेजस्वी ने कहा कि “यह सिर्फ घोषणापत्र नहीं, बिहार के हर परिवार के भविष्य की रूपरेखा है।”