बेमौसम बारिश ने छीना किसानों का सहारा — खेतों में तैरती फसलें देखकर उचित मुआवज़ा और बीमा क्लेम की मांग

By admin
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छोटी सादड़ी-निंबाहेड़ा क्षेत्र में खरीफ की फसलें पानी में डूबीं, किसान नेता सोहनलाल आंजना बोले — प्रशासन तुरंत करे नुकसान का आंकलन

छोटी सादड़ी/निंबाहेड़ा। बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। 3 और 4 अक्टूबर को हुई तेज बारिश से खरीफ की पकी हुई फसलें खेतों में ही चौपट हो गईं। खेतों में पानी भरने से कई जगह फसलें पूरी तरह डूब गईं।

किसान नेता सोहनलाल आंजना ने शनिवार को संतोषपुरिया गांव का दौरा कर खेतों में पानी में तैरती और नष्ट हुई फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि “किसानों के मुंह से निवाला छिन गया है, यह बेहद पीड़ादायक स्थिति है।”

आंजना ने चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ प्रशासन से आग्रह किया कि फसलों के नुकसान का सही आंकलन कर किसानों को उचित मुआवज़ा और बीमा क्लेम दिलाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी पटवारी द्वारा खराबे का कम आंकलन किया गया, तो किसानों के साथ मिलकर वे मोर्चा खोलेंगे

किसान नेता ने राज्य सरकार से भी अपील की कि फसल बीमा कंपनियों को जवाबदेह बनाया जाए और यदि वे क्लेम देने में लापरवाही करती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मौके पर भाजपा पश्चिमी मंडल अध्यक्ष लोकेश धाकड़, कन्हैयालाल धाकड़, राजेंद्र धाकड़, रामनिवास धाकड़, मिट्ठूलाल धाकड़, भगवतीलाल धाकड़, बाबूलाल धाकड़, पिंटू धाकड़, रामलाल मीणा, और मनीष धाकड़ सहित कई किसान मौजूद रहे।

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