देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाई गई… आपत्तिजनक नारे लगाए गए… औऱ फिर बदले में भड़का प्रदर्शन.. मामला है ग्वालियर का.. जहां- सियासत, प्रशासन और सड़कें—तीनों मोर्चों पर हलचल मची हुई है… तस्वीर जलाने और आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले ने ऐसा तूल पकड़ा कि विरोध प्रदर्शन धरनों में बदले, नारेबाज़ी गूंजती रही और हालात संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा… इसी उबाल के बीच कार्रवाई, गिरफ्तारी और सख्त कानून की मांग ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया…
बता दें कि… ग्वालियर में भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी सहित विभिन्न दलित संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर करीब ढाई घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया… प्रदर्शनकारियों ने दर्ज FIR को नाकाफी बताते हुए मुख्य आरोपी एडवोकेट अनिल मिश्रा पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की मांग उठाई…. संगठनों ने साफ कहा कि… जब तक ठोस कार्रवाई और स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा…
धरने के बाद संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने SDM सीबी प्रसाद को ज्ञापन सौंपा… प्रशासन की ओर से कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन संगठनों ने भविष्य में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी…
इधर, पुलिस ने हिरासत में लिए गए एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत चार आरोपियों को पुरानी छावनी थाना से जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया… मेडिकल के बाद सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अनिल मिश्रा और उनके तीन साथियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया…
कोर्ट के फैसले के बाद अदालत परिसर का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया… अनिल मिश्रा के समर्थकों ने बाहर डॉ. भीमराव अंबेडकर और पुलिस के खिलाफ नारेबाज़ी की, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति गर्मा गई… इसी दौरान अनिल मिश्रा ने बयान देते हुए कहा कि…. उन्होंने जो किया और कहा, वह सही है और भविष्य में भी वही कदम उठाने के लिए तैयार हैं, चाहे कोर्ट उन्हें कोई भी सजा क्यों न दे.. मामले की अगली सुनवाई शनिवार को तय की गई है…
हालात को देखते हुए अदालत परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया…. इससे पहले अंबेडकर समर्थकों ने SP ऑफिस पहुंचकर हंगामा किया और पुलिस के रोकने के बावजूद गेट को धक्का देकर अंदर घुस गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई…
SDM सीबी प्रसाद ने बताया कि… पोस्टर जलाने की घटना के विरोध में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और उन्होंने ज्ञापन सौंपा है… एसपी के निर्देश पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है… धाराएं बढ़ाने का फैसला कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि एनएसए लगाने की प्रक्रिया लंबी होती है और इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट को अपीलीय बोर्ड में प्रतिवेदन भेजना पड़ता है…
वहीं, फरियादी मकरंद बौद्ध ने कोर्ट परिसर में कहा कि समाज में कुछ लोग जातिवादी और उग्र मानसिकता को बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है और शहर में एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है…
MADHYA PRADESH : ग्वालियर में आंदोलन, क्या है पूरा मामला..?
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