Noida Airport पर पहली सफल लैंडिंग, ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने लोग; वाटर कैनन से दी सलामी

By Editor
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Noida Airport

Noida Airport पर पहली सफल लैंडिंग: इतिहास रचने के बाद मिली बड़ी उपलब्धि, एयरपोर्ट के भविष्य पर उम्मीदें

Noida Airport ने सोमवार, 9 दिसंबर को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया जब यहां पहली बार एक विमान ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की। यह घटना एयरपोर्ट के विकास में एक अहम पड़ाव के रूप में देखी जा रही है, और इसे नोएडा एयरपोर्ट के भविष्य के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट पर शानदार वाटर कैनन से सलामी दी गई, जो एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में जानी जाएगी।

पहली सफल लैंडिंग और महत्वपूर्ण ट्रायल रन
सोमवार दोपहर 1.31 बजे इंडिगो एयरलाइंस के ए320 विमान ने Noida Airport के रनवे पर सफल लैंडिंग की। यह विमान दिल्ली से उड़ान भरकर सीधे Noida Airport के फ्लाइंग जोन में पहुंचा और वहां करीब डेढ़ घंटे तक एयरपोर्ट के आसपास मंडराता रहा। इस दौरान विमान के उपकरणों और अन्य संसाधनों की जांच की गई। इस लैंडिंग के साथ ही एयरपोर्ट के इतिहास में एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया है, क्योंकि यह लंबे समय से चली आ रही परियोजना की अहम उपलब्धि थी। रनवे पर इस सफल लैंडिंग के बाद एयरपोर्ट के अधिकारियों ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।

वाटर कैनन से दी गई सलामी
इस ऐतिहासिक क्षण को और भी खास बनाने के लिए एयरपोर्ट पर रनवे की पहली लैंडिंग के बाद वाटर कैनन से सलामी दी गई। यह परंपरा एयरपोर्ट के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने इस सफलता को महत्वपूर्ण बताया।

आगे की योजना और आगामी चरण
Noida Airport के निर्माण का पहला चरण अब लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें 3900 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा रनवे तैयार किया गया है। इस रनवे पर अब विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर सकते हैं, और यह एयरपोर्ट के भविष्य के विकास की दिशा को स्पष्ट करता है। इसके साथ ही, एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS), कैट-1 और कैट-3 उपकरण स्थापित किए गए हैं, जो घने कोहरे और खराब दृश्यता की स्थिति में भी विमान की ऊंचाई और स्थिति को ट्रैक करते हैं।

आने वाले समय में, नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण का विस्तार किया जाएगा और इसके यात्री क्षमता को बढ़ाया जाएगा। पहले चरण में इसकी यात्री क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी, लेकिन यह एयरपोर्ट भविष्य में चार चरणों में विस्तार करेगा। इसके बाद 2050 तक एयरपोर्ट की पूरी क्षमता हर साल सात करोड़ यात्रियों की होगी।

Noida Airport की सफलता पर एक नजर

  • आईएलएस कैलिब्रेशन: एयरपोर्ट पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) का सफल कैलिब्रेशन अक्टूबर में पूरा हुआ, और सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ।
  • फ्लाइट ट्रायल का अप्रूवल: डीजीसीए (DGCA) से फ्लाइट ट्रायल का अप्रूवल मिल चुका है।
  • अर्पोरोड्रोम लाइसेंस: एयरपोर्ट का एयरोड्रोम लाइसेंस इसी माह में प्राप्त होगा।
  • एआईपी पब्लिकेशन: एआईपी पब्लिकेशन 6 फरवरी को होगा, जो एयरलाइंस को एयरपोर्ट के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।
  • कमर्शियल फ्लाइट शुरू होगी: एयरपोर्ट से कमर्शियल फ्लाइट 17 अप्रैल तक शुरू हो जाएगी, जिससे यात्री अब बुकिंग कर सकेंगे।

आने वाले दिनों में संभावनाएं
इस एयरपोर्ट का विकास नोएडा और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में यातायात और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इस एयरपोर्ट का उद्घाटन और इसके सफल संचालन के बाद यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार और पर्यटन के हब के रूप में उभर सकता है। इसके साथ ही, नोएडा एयरपोर्ट से जुड़े रोजगार, निवेश और स्थानीय विकास की संभावनाओं में भी इजाफा होगा।

Noida Airport का भविष्य
Noida Airport का विकास चार चरणों में किया जाएगा, जिसमें पहले चरण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में तैयार हो रहा है, जबकि इसका पूरी तरह से विस्तारित रूप 2050 तक तैयार होगा। भविष्य में यह एयरपोर्ट 7 करोड़ यात्रियों को हर साल सेवा प्रदान करेगा, जिससे यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बन सकता है।

इसकी सफल लैंडिंग के बाद Noida Airport के अधिकारियों और कर्मचारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह सिर्फ एक विमान की लैंडिंग नहीं, बल्कि इस प्रोजेक्ट की सफलता की दिशा में एक और अहम कदम था।

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