कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री SM Krishna का निधन: 92 वर्ष की आयु में हुआ निधन, राजनीतिक जगत में शोक
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारत के पूर्व विदेश मंत्री SM Krishna का मंगलवार सुबह निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। एसएम कृष्णा का निधन बेंगलुरु के सदाशिवनगर स्थित उनके आवास में हुआ, जहां उन्होंने सुबह लगभग 2:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन से न केवल कर्नाटकीय राजनीति, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
SM Krishna: एक राजनीतिक आइकन
सोमनहल्ली मल्लैया कृष्णा, जिन्हें SM Krishna के नाम से जाना जाता है, कर्नाटक की राजनीति के एक दिग्गज नेता थे। उनका राजनीतिक जीवन करीब छह दशकों तक फैला हुआ था, और उन्होंने अपने योगदान से भारतीय राजनीति में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई। वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में 1999 से 2004 तक कार्यरत रहे और इसके बाद 2009 से 2012 तक भारत के विदेश मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
SM Krishna की छवि एक प्रगतिशील और समर्पित नेता की रही। उनका कार्यकाल कर्नाटकीय राजनीति में उल्लेखनीय था, जिसमें उन्होंने राज्य के विकास और सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए कर्नाटकी राज्य की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे में कई सुधार हुए थे। इसके बाद, जब उन्हें विदेश मंत्री बनाया गया, तो उन्होंने भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूती दी।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण अस्पताल में भर्ती
हाल के दिनों में एसएम कृष्णा के स्वास्थ्य में गिरावट आई थी। उन्हें उम्र संबंधी कई बीमारियों के चलते बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, उनके इलाज के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। सूत्रों के मुताबिक,SM Krishna का पार्थिव शरीर आज मद्दूर ले जाने की संभावना है, जहां उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हो सकती है।
राजनीतिक योगदान और उपलब्धियां
SM Krishna का राजनीतिक जीवन हमेशा से शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उनका करियर कर्नाटकी कांग्रेस पार्टी के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री पद के दौरान राज्य के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके कार्यकाल में कर्नाटकी राज्य ने उद्योग, शिक्षा, और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार देखे।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और अन्य उन्नत उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाया। इस समय के दौरान, कर्नाटकी राज्य में बेंगलुरु को सूचना प्रौद्योगिकी का केंद्र बना दिया गया, जो आज भी भारतीय आईटी उद्योग का प्रमुख केंद्र है।
इसके बाद, जब उन्हें भारत के विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया, तो उन्होंने भारतीय कूटनीति को नई दिशा दी। विदेश मंत्री रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण देशों के साथ भारत के रिश्तों को मजबूत किया और वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को सुदृढ़ किया। उनका कार्यकाल कूटनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाया।
कर्नाटकी राजनीति में शोक की लहर
SM Krishna के निधन से कर्नाटकी राजनीति में एक महत्वपूर्ण शून्य पैदा हो गया है। कांग्रेस पार्टी और राज्य के नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की है। कर्नाटकी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एसएम कृष्णा को एक दूरदृष्टा और कर्मठ नेता बताते हुए उनके योगदान की सराहना की। कर्नाटकी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और राज्य के अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
कर्नाटकी जनता के लिए एसएम कृष्णा की छवि हमेशा एक सशक्त, उद्देश्यपूर्ण और समर्पित नेता की रही। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी कर्नाटकी राज्य और भारत के विकास में समर्पित की और उनकी यादें हमेशा जिंदा रहेंगी।
परिवार और निजी जीवन
SM Krishna का व्यक्तिगत जीवन भी काफी साधारण था। वे एक प्रखर और विचारशील व्यक्तित्व के मालिक थे और हमेशा अपनी विनम्रता और संवेदनशीलता के लिए पहचाने जाते थे। उन्होंने अपनी पत्नी यू शोभा कृष्णा के साथ एक सामान्य जीवन बिताया और उनके दो संतानें भी हैं। उनके परिवार ने भी हमेशा उनकी राजनीतिक यात्रा में उनका साथ दिया।
उनकी बेटी प्रियंका कृष्णा और उनका बेटा सत्येन्द्र कृष्णा, जो दोनों अपने-अपने क्षेत्र में सफल हैं, उनके साथ इस कठिन समय में खड़े हुए हैं। SM Krishna के परिवार ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन देश और राज्य के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।