‘One Nation-One Election’ बिल पर वोटिंग में गडकरी समेत 20 सांसद अनुपस्थित, हाजिरी थी अनिवार्य

By Editor
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One Election

One Nation-One Election Bill: BJP सांसदों की अनुपस्थिति पर नोटिस, कई मंत्रियों के नाम शामिल

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में ‘One Nation-One Election’ पर आधारित विधेयक पेश किया। हालांकि, इस अहम विधायिका के दौरान भाजपा के कई सांसद संसद में अनुपस्थित रहे। इसमें मोदी सरकार के तीन बड़े मंत्रियों, नितिन गडकरी, गिरिराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम भी शामिल थे। इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी इन सांसदों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। पार्टी ने पहले ही लोकसभा के अपने सांसदों को निर्देश दिए थे कि वे इन विधेयकों की पेशी के दौरान सदन में मौजूद रहें।

केंद्रीय सरकार का ‘One Nation-One Election’ बिल
मंगलवार को संसद में पेश किए गए दो विधेयकों में ‘संविधान (139वां संशोधन) विधेयक, 2024’ और ‘संघ राज्य क्षेत्रों के कानून (संशोधन) विधेयक, 2024’ शामिल थे। इन विधेयकों में प्रस्ताव है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराया जाए। यह केंद्रीय सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम था और इसके तहत चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुचारू और आर्थिक रूप से प्रभावी बनाने का उद्देश्य था। इस विधेयक को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया था।

बीजेपी की व्हिप और सांसदों की अनुपस्थिति
बीजेपी ने अपने सांसदों को इस विधेयक के दौरान सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया था। व्हिप जारी करने का उद्देश्य यह था कि सभी सांसद इस महत्वपूर्ण बिल पर वोटिंग के दौरान मौजूद रहें। व्हिप एक प्रकार का आदेश होता है, जिसमें सांसदों से उम्मीद की जाती है कि वे पार्टी के निर्देशों का पालन करेंगे और सदन में वोटिंग के समय उपस्थित रहेंगे। बावजूद इसके, भाजपा के कई सांसद अनुपस्थित रहे, जिनमें तीन केंद्रीय मंत्रियों के नाम प्रमुख हैं।

अनुपस्थिति पर पार्टी की कार्रवाई
One Nation-One Election: बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी उन सांसदों को नोटिस भेजने की योजना बना रही है जिन्होंने व्हिप का उल्लंघन किया और वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहे। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि अनुपस्थित रहने वाले सांसदों ने पार्टी को अपनी अनुपस्थिति के कारणों के बारे में सूचित किया था या नहीं। कुछ सांसदों ने पार्टी को अपनी अनुपस्थिति की जानकारी दी है, लेकिन अन्य सांसदों ने इस बारे में कोई सूचना नहीं दी। नोटिस भेजने का उद्देश्य उन सांसदों को जवाबदेह ठहराना है जिन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया।

क्या था ‘One Nation-One Election’ का उद्देश्य?
‘One Nation-One Election’ का उद्देश्य देश में चुनावी प्रक्रिया को एक साथ लाकर उसे और अधिक सुचारू और खर्चे में कमी करना है। इस प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का मानना है कि एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्चों में कमी आएगी, साथ ही चुनावों की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी। इसके अलावा, यह भी कहा जा रहा है कि एक साथ चुनाव होने से सरकारों को अधिक समय मिलेगा ताकि वे अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें, बजाय इसके कि वे चुनावी मौसम में उलझे रहें।

चुनाव प्रक्रिया पर असर
One Nation-One Election: हालांकि, इस प्रस्ताव पर विपक्षी दलों की तरफ से आपत्तियां भी उठाई जा रही हैं। विपक्ष का कहना है कि एक साथ चुनाव कराने से राज्यों के अधिकारों पर असर पड़ सकता है और राज्यों को उनकी स्वतंत्रता से वंचित किया जा सकता है। इसके अलावा, विपक्षी दलों का यह भी कहना है कि एक साथ चुनाव कराने के लिए संविधान में बड़े बदलाव की आवश्यकता होगी, जो आसान नहीं होगा।

बीजेपी की स्थिति
One Nation-One Election: बीजेपी ने यह भी साफ किया है कि पार्टी ने सांसदों को व्हिप जारी करके यह सुनिश्चित किया था कि वे इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सदन में उपस्थित रहें और वोटिंग में हिस्सा लें। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि यह विधेयक पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसे पारित करने के लिए हर सांसद की उपस्थिति अनिवार्य थी। पार्टी ने यह भी कहा है कि जिन सांसदों ने व्हिप का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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