Putin का बयान: सीरिया से असद के जाने से इसराइल को सबसे ज्यादा फायदा, तुर्की पर भी की टिप्पणी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को एक वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीरिया से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बयान दिए। Putin ने सीरिया में रूस के नौ सालों तक के हस्तक्षेप को नाकाम ठहराए जाने के आरोपों को नकारते हुए कहा कि इस बीच रूस ने कई सफलताएं हासिल की हैं। हालांकि, उन्होंने बशर अल-असद की सत्ता के जाने के बाद सीरिया में इसराइल की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की।
सीरिया में असद की सत्ता जाने से इसराइल को फायदा
Putin ने स्पष्ट किया कि सीरिया में असद की सत्ता जाते ही इसराइल को सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि इसराइल ने सीरिया के बफ़र ज़ोन में घुसकर वहां की सैन्य स्थिति को कमजोर किया। बफ़र ज़ोन, जो इसराइल के कब्जे वाले गोलान हाइट्स से अलग करता है, इसराइल ने वहां सीरियाई सेना के ठिकानों और हथियारों पर हवाई हमले किए। Putin ने कहा कि रूस इसराइल द्वारा सीरिया के किसी भी हिस्से पर कब्जे का विरोध करता है।
रूसी राष्ट्रपति ने बताया कि सीरिया में मौजूद रूस के एयर फोर्स और नेवी के बेस को लेकर सीरिया के नए शासक से प्रस्ताव रखा गया है, लेकिन इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों के कारण रूस की स्थिति और जटिल हो गई है। Putin ने उम्मीद जताई कि इसराइल सीरिया से पीछे हटेगा, लेकिन उनका मानना है कि इसराइल इस क्षेत्र में और अधिक मजबूती से अपनी उपस्थिति बनाए रखेगा।
तुर्की की सुरक्षा चिंताएं और सीरिया में हस्तक्षेप
Putin ने तुर्की के बारे में भी टिप्पणी की और कहा कि तुर्की अपनी सुरक्षा चिंताओं के तहत सीरिया में हस्तक्षेप कर रहा है। उन्होंने कहा कि तुर्की कुर्दिश लड़ाकों को आतंकवादी मानता है और इस कारण तुर्की को अपनी दक्षिणी सीमा पर सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा है। Putin ने तुर्की की कोशिशों को सही ठहराते हुए कहा कि तुर्की का उद्देश्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें सीरियाई शरणार्थी अपने देश लौट सकें।
इसराइल की बढ़ती ताकत और रूस की स्थिति
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सीरिया में हालिया घटनाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसराइल को सीरिया में हो रही स्थिति का मुख्य लाभ हुआ है। Putin ने चिंता जताई कि इसराइल सीरिया में अपनी सैन्य स्थिति को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जिससे रूस के लिए स्थिति और जटिल हो सकती है।
उनका मानना है कि इसराइल के कदम सीरिया में रूस की रणनीतिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकते हैं। Putin ने यह भी कहा कि रूस इसराइल के सीरिया में किसी भी हिस्से पर कब्जे का विरोध करता है, और उम्मीद करता है कि इसराइल अपने कदम पीछे हटा लेगा, लेकिन उन्हें लगता है कि इसराइल यहां से हटने के बजाय अपनी ताकत और बढ़ाएगा। इस प्रकार, पुतिन का बयान सीरिया में रूस की भूमिका और इसराइल के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है।
रूस का सीरिया में भविष्य और अंतर्राष्ट्रीय स्थिति
Putin ने कहा कि रूस सीरिया में अपने सैन्य अड्डों की रक्षा करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा और रूस की स्थिति को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने बताया कि सीरिया के शासक से बातचीत में यह तय किया गया है कि सीरिया के कई हिस्सों में रूस की सैन्य उपस्थिति बनी रहेगी। पुतिन का यह बयान सीरिया के राजनीतिक भविष्य और रूस की भूमिका पर महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है।
कुल मिलाकर, Putin ने सीरिया के मौजूदा हालात को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों पर रूस की स्थिति स्पष्ट की। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि सीरिया में असद के शासन के बाद रूस की विदेश नीति और सैन्य रणनीतियां अधिक जटिल हो सकती हैं, खासकर जब बात इसराइल और तुर्की जैसे देशों की हो।