Jharkhand हाईकोर्ट ने JSSC भर्ती परीक्षा परिणाम पर रोका, पेपर लीक की होगी जांच

By Editor
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Jharkhand हाईकोर्ट ने JSSC भर्ती परीक्षा रिजल्ट पर रोक लगाई, पेपर लीक मामले की जांच का आदेश

Jharkhand उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा सितंबर 2023 में आयोजित सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JGGLCCE) के अंतिम परिणाम पर रोक लगा दी। यह निर्णय अदालत ने राज्य सरकार को पेपर लीक के आरोपों पर तुरंत जांच करने के आदेश देने के बाद लिया। अदालत ने पुलिस को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश भी दिया है। इसके साथ ही, यह भी कहा गया कि पुलिस को मामले में रिपोर्ट पेश करनी होगी और आगामी सुनवाई 22 जनवरी, 2024 को होगी।

JSSC परीक्षा और पेपर लीक के आरोप

Jharkhand राज्य में JSSC द्वारा 21 और 22 सितंबर, 2023 को आयोजित की गई सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में 3.04 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा सरकारी नौकरी के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य के विभिन्न विभागों के जूनियर स्तर के पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाना था। लेकिन परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी और पेपर लीक हुआ था।

अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हो रही गड़बड़ी का विरोध करते हुए सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर अपनी आवाज उठाई थी। छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में पारदर्शिता की कमी थी और कुछ लोग नकल करके परीक्षा में बैठने में सफल रहे थे। इस मामले को लेकर राजेश प्रसाद नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें पुलिस से जांच की मांग की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद याचिकाकर्ता प्रकाश कुमार ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया।

कोर्ट की कार्रवाई और सरकार के आदेश

Jharkhand: उच्च न्यायालय ने इस मामले में गंभीरता से सुनवाई की और सरकार को निर्देश दिया कि वह पुलिस को पेपर लीक मामले की जांच में तेजी लाने और निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करने का आदेश दे। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को जल्द से जल्द प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा, कोर्ट ने यह आदेश दिया कि संबंधित विभाग अपनी जांच रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें, ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए।

कोर्ट को बताया गया कि राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, लेकिन याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि एसआईटी की कार्रवाई पारदर्शी नहीं रही है। उन्होंने कहा कि एसआईटी की किसी भी जांच की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई, और इसकी निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग की थी।

मामले की सीबीआई जांच की मांग

Jharkhand: याचिकाकर्ता प्रकाश कुमार ने अदालत में कहा कि एक एसआईटी का गठन करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने अदालत से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। याचिकाकर्ता का कहना था कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी है, और इसलिए सीबीआई द्वारा जांच की आवश्यकता है ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

स्कूलों में भर्ती परीक्षा के दस्तावेज सत्यापन पर रोक

Jharkhand: यह आदेश सोमवार को उस समय आया जब जेएसएससी द्वारा 16 दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच 2,231 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों का दस्तावेज सत्यापन का काम चल रहा था। लेकिन उम्मीदवारों का एक बड़ा समूह इस दस्तावेज सत्यापन के खिलाफ था। उनका कहना था कि जब मामला अदालत में चल रहा है, तो इस समय दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के परिणाम पर रोक लगाए जाने के बाद भी परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ाना न्यायसंगत नहीं है।

यह घटनाक्रम इस ओर इशारा करता है कि परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया के बारे में अभ्यर्थियों में भारी असंतोष और विरोध है। खासकर जब पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आ चुके हैं, तो उम्मीदवारों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

आगे की कार्रवाई और अगली सुनवाई

Jharkhand उच्च न्यायालय ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जनवरी 2024 की तारीख निर्धारित की है। अदालत ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता से की जाए और रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। साथ ही, पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करे।

Jharkhand उच्च न्यायालय का यह आदेश न केवल Jharkhand राज्य में, बल्कि पूरे देश में सरकारी भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक अहम कदम साबित हो सकता है।


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