मानसिक और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद आशा और आस्था का पर्व — “कभी तो मिलेगा व्रत का फल,” कहती हैं आश्रम की महिला प्रभुजी
भरतपुर: अपना घर आश्रम के स्प्रीचुअल पार्क में बुधवार को करवा चौथ पर्व बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। यहां रह रही 3412 निराश्रित महिला प्रभुजियों में से 123 से अधिक महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखा।
इन महिलाओं का कहना है कि भले ही हालात ने साथ नहीं दिया और रिश्तों ने भी दूरी बना ली, पर उनके मन में पति के प्रति समर्पण और आस्था आज भी जीवित है। करवा चौथ पर इन महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा अर्चना की, सुहाग गीत गाए और चांद को अर्घ्य देकर व्रत खोला।
आश्रम में 11 साल से रह रहीं मंजू देवी और 5 साल से व्रत कर रहीं प्रिया देवी ने बताया कि वे हर साल उम्मीद के साथ यह व्रत रखती हैं कि एक दिन उनके पति जरूर लौट आएंगे। “कभी-कभी बात हो जाती है, बस यही काफी है,” मंजू देवी ने कहा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मेंहदी लगाई, पारंपरिक परिधान पहने और भजन व लोकगीतों पर नृत्य किया। आश्रम प्रशासन की ओर से व्रतधारी महिलाओं के लिए विशेष प्रसादी की व्यवस्था की गई।
अपना घर आश्रम में करवा चौथ का यह आयोजन न सिर्फ एक धार्मिक पर्व, बल्कि आशा, प्रेम और विश्वास की अद्भुत मिसाल बन गया।