Dotasara का बीजेपी पर तंज, महाकुंभ में भगदड़ की जिम्मेदारी सरकार पर
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Govind Singh Dotasara ने महाकुंभ में मची भगदड़ और दुर्घटनाओं के लिए बीजेपी नेताओं के सोशल मीडिया पर सेल्फी बनाने और वीआईपी प्रोटोकॉल को जिम्मेदार ठहराया। Dotasara ने कहा कि राज्य सरकार को कुंभ मेले के लिए उचित व्यवस्थाएं करनी चाहिए थी, लेकिन वीआईपी कल्चर और गलत प्रबंधन के कारण कई लोगों की जान चली गई।
वीआईपी प्रोटोकॉल और सरकार की अव्यवस्था पर तंज
Dotasara ने कहा कि बीजेपी नेताओं द्वारा कुंभ में रील्स बनाने और सोशल मीडिया पर प्रचार करने के कारण व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुंभ जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में जहां लाखों लोग जुटते हैं, वहां सही तरीके से प्रशासनिक व्यवस्था नहीं हो पाई। उनका कहना था कि जबकि शंकराचार्य जैसे धार्मिक नेता भी कुंभ को गौरव का विषय मानते हैं, वहां प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव ने हालात को खतरनाक बना दिया।
राठौड़ और किरोड़ी पर कसा तंज
राजेंद्र राठौड़ और किरोड़ी लाल मीणा के बारे में Dotasara ने कहा कि बीजेपी में इन नेताओं के साथ भी अन्याय हो रहा है। राठौड़ को बीजेपी में सम्मान नहीं दिया गया और उन्हें पार्टी में कमजोर स्थिति का सामना करना पड़ा। Dotasara ने राठौड़ को यह सलाह दी कि फिलहाल वह अपनी तलवार म्यान में रखें, क्योंकि उनके राजनीतिक दिन अच्छे नहीं चल रहे। उन्होंने यह भी कहा कि किरोड़ी झुकने वाले नहीं हैं, और वह हमेशा अपनी बात रखते हैं।
बीजेपी की आंतरिक राजनीति पर आरोप
Dotasara ने आरोप लगाया कि बीजेपी में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं किया जाता। उनका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी में वसुंधरा राजे, किरोड़ी लाल मीणा और राजेंद्र राठौड़ जैसे नेताओं का सम्मान नहीं किया जाता, जबकि कांग्रेस उनके योगदान को मान्यता देती है। Dotasara ने यह भी कहा कि बीजेपी के भीतर पर्ची का खेल चल रहा है, जिसमें पार्टी अध्यक्ष पद के लिए किसी भी सक्षम व्यक्ति को चुने जाने की बजाय पार्टी के नेताओं को ‘पर्ची’ के माध्यम से पद सौंपे जाते हैं।
शिक्षा मंत्री और आरएसएस पर कटाक्ष
Govind Singh Dotasara ने बीजेपी के शिक्षा मंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा के सुधार से कोई मतलब नहीं है। डोटासरा का आरोप था कि शिक्षा मंत्री सिर्फ आरएसएस और बीजेपी का प्रचार करने में व्यस्त हैं, जबकि उनका मुख्य कार्य शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता सुधारने का होना चाहिए।
Dotasara ने यह भी कहा कि इन मंत्रियों का मुख्य ध्यान बेमतलब के मुद्दों पर चर्चा करना है, न कि शिक्षा के वास्तविक मुद्दों पर काम करना। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को चाहिए था कि वह स्कूलों और कॉलेजों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाते, लेकिन ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिल रहा। उनके इस बयान ने बीजेपी की शिक्षा नीति और मंत्रियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है।
महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे की विचारधारा पर बयान
Govind Singh Dotasara ने बीजेपी के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे महात्मा गांधी की विचारधारा का पालन नहीं करते हैं, बल्कि नाथूराम गोडसे की विचारधारा का समर्थन करते हैं। डोटासरा का कहना था कि बीजेपी और उसके नेतृत्व का असली उद्देश्य लोकतंत्र को कमजोर करना और कांग्रेस पार्टी को बदनाम करना है।
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सरकार सवा साल से सत्ता में है, लेकिन जनता के कल्याण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके बजाय, बीजेपी केवल भ्रम फैलाने और कांग्रेस के नेताओं को गाली देने में लगी हुई है। Dotasara ने आरोप लगाया कि बीजेपी का एजेंडा भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करना और अपनी राजनीतिक स्वार्थ सिद्धि के लिए किसी भी हद तक जाने का है।
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