जयपुर, राजस्थान: राजस्थान में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति देने के लिए, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। अब से शिक्षा विभाग, पंचायती राज और संस्कृत शिक्षा विभाग में सिर्फ भारत में बनी वस्तुओं की ही खरीद की जाएगी। इस आदेश के बाद, तीनों विभागों में विदेश में निर्मित वस्तुओं के इस्तेमाल और खरीद पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर इस ऐतिहासिक फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह निर्णय देश के स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने और सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है।
मदन दिलावर ने आगे बताया कि यह सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि एक सख्त चेतावनी है। उन्होंने कहा, “अगर इन तीनों विभागों का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी विदेशी वस्तु की खरीद करेगा, तो उसके खिलाफ न सिर्फ सख्त एक्शन लिया जाएगा, बल्कि उस खरीदी गई वस्तु का पूरा भुगतान भी उसी से वसूला जाएगा।”
यह कड़ा कदम यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी खर्च का उपयोग देश के भीतर बने उत्पादों को समर्थन देने में हो, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। इस फैसले को राजस्थान सरकार द्वारा भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।