मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान के सम्मान में हर वर्ष आर्मी-डे परेड का आयोजन किया जाता है। इस बार आगामी 15 जनवरी को यह भव्य आयोजन प्रदेश की राजधानी जयपुर में होगा। उन्होंने बताया कि यह पहली बार होगा जब आर्मी-डे परेड का आयोजन आर्मी क्षेत्र से बाहर आम जनता के समक्ष किया जाएगा, जिससे युवाओं में देशभक्ति की भावना और अधिक प्रबल होगी और दुनिया के सामने बदलते भारत की तस्वीर उभरेगी।
मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर आर्मी-डे परेड की तैयारियों को लेकर भारतीय थल सेना और राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की विश्व में विशिष्ट पहचान है। हमारे जवानों ने समय-समय पर बहादुरी दिखाकर यह साबित किया है कि देश की आन, बान और शान के लिए वे अपना सर्वस्व न्यौछावर करने को तत्पर हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सेना के इस शौर्य को सम्मान देने के लिए आयोजन को और भव्य बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आर्मी-डे परेड में स्कूल-कॉलेज के छात्रों, पर्यटकों और आमजन की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। परेड स्थल चुनते समय दर्शक क्षमता का विशेष ध्यान रखने और आयोजन स्थल का नक्शा व रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में राजस्थान की संस्कृति की झलक भी होनी चाहिए और पार्किंग व यातायात व्यवस्था के उचित प्रबंधन की व्यवस्था हो। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
दक्षिण पश्चिम कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने बताया कि जयपुर में आर्मी-डे परेड आयोजित कर इसे आम लोगों तक पहुंचाने और युवाओं को प्रेरित करने का उद्देश्य है। इसके तहत रक्तदान शिविर, ऑनर रन, साइकिल रैली, नो यॉर आर्मी जैसी गतिविधियां आयोजित होंगी। परेड में पैदल सैनिक दस्ते, टैंक, तोप, मिसाइल, सेना बैंड, मोटर साइकिल शो और विभिन्न झांकियों का प्रदर्शन होगा। भारतीय सेना के युद्ध कौशल और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए शौर्य संध्या का भी भव्य आयोजन किया जाएगा।
बैठक में मेजर जनरल अमर रामदासानी ने प्रस्तुति के माध्यम से तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान मुख्य सचिव सुधांश पंत सहित भारतीय थल सेना और राज्य सरकार के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।