पूर्व भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा को मिली पैरोल, जेल से बाहर आते ही कामखेड़ा हनुमान मंदिर पहुंचे

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Ex MLa Kanwarlal Meena Get payroll: झालावाड़। अंता विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक और भाजपा नेता कंवरलाल मीणा को 20 दिन की पैरोल मिल गई है। पैरोल मिलने के बाद वे झालावाड़ जेल से बाहर आए और सबसे पहले अपने रिश्तेदारों से मुलाकात की। इसके बाद वे कामखेड़ा धाम पहुंचे, जहां उन्होंने बालाजी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। जैसे ही उनके समर्थकों को पैरोल मिलने की सूचना मिली, उनमें खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में समर्थक मंदिर पहुंचे और नारों व फूलों से कंवरलाल मीणा का स्वागत किया।

इलाज के आधार पर मिली पैरोल

जानकारी के अनुसार, कंवरलाल मीणा कुछ समय पहले जेल के बाथरूम में गिर गए थे, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) में गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उन्हें सर्जरी के लिए कोटा रेफर किया गया था और तब से उनका इलाज जारी है। सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य कारणों से उपचार हेतु पैरोल की मांग की गई थी।

कानूनी प्रावधानों के अनुसार, कोई भी कैदी यदि अपनी सजा का एक चौथाई हिस्सा पूरा कर ले और जेल में उसका आचरण अच्छा रहा हो, तो उसे 20 दिन की पैरोल मिल सकती है। कंवरलाल मीणा को तीन साल की सजा हुई है, जिसमें से वे एक चौथाई अवधि पूरी कर चुके हैं और जेल रिकॉर्ड के अनुसार उनका चाल-चलन भी संतोषजनक रहा है। इसी आधार पर उन्हें पैरोल दी गई।

2005 के उप-सरपंच चुनाव विवाद से जुड़ा है मामला

पूरा मामला वर्ष 2005 का है। झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र में उप-सरपंच चुनाव की मतगणना के दौरान विवाद हो गया था। आरोप है कि उस समय कंवरलाल मीणा ने तत्कालीन SDM रामनिवास मेहता पर पिस्तौल तान दी और दोबारा मतगणना कराने की धमकी दी। मौके पर मौजूद IAS अधिकारी और तहसीलदार ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इसके अलावा, सरकारी कैमरे की कैसेट तोड़ने और फोटोग्राफर का कैमरा जलाने की कोशिश करने के भी आरोप लगे थे। इस मामले में अदालत ने उन्हें तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।

अदालतों में चला लंबा कानूनी संघर्ष

इस प्रकरण में 2018 में ट्रायल कोर्ट ने कंवरलाल मीणा को बरी कर दिया था। लेकिन 2020 में एडीजे कोर्ट, अकलेरा ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए उन्हें दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन 1 मई 2025 को हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखी। सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके चलते उन्हें जेल जाना पड़ा और उनकी विधायकी समाप्त हो गई।

कौन हैं कंवरलाल मीणा

कंवरलाल मीणा भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे हैं और अंता विधानसभा (बारां) से विधायक रह चुके हैं। वे 2013 से 2018 तक मनोहर थाना विधानसभा से भी विधायक रहे। वर्ष 2023 में वे अंता से विधायक चुने गए थे, लेकिन 2005 के आपराधिक मामले में सजा के चलते मई 2025 में उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई।

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