Happy Birthday Diya kumari: राजघराने से सत्ता तक, जन्मदिन पर उपमुख्यमंत्री के राजनीतिक उतार-चढ़ाव का सफरनामा

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Happy Birthday Diya kumari: जयपुर। राजस्थान की उपमुख्यमंत्री और जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी आज यानी 30 जनवरी (शुक्रवार) को अपना जन्मदिन मना रही हैं। खास बात यह है कि अपने जन्मदिन को वह किसी भव्य समारोह की बजाय मंदिर दर्शन, गौ सेवा और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ मना रही हैं। यह अंदाज़ ही उनकी राजनीति और व्यक्तित्व को आम जनता से जोड़ता है।

दीया कुमारी की जीवन यात्रा पर नज़र डालें तो उसमें शाही ठाठ-बाठ से लेकर ज़मीनी राजनीति तक का लंबा सफर दिखता है। राजघराने की परंपराओं से निकलकर उन्होंने खुद को आम लोगों के बीच स्थापित किया और यही वजह है कि आज उन्हें राजस्थान की राजनीति की नई राजकुमारी कहा जाने लगा है।

राजस्थान की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत के बाद राज्य में पहली बार दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए, जिनमें से एक दीया कुमारी हैं। इसके साथ ही वह राजस्थान की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। हालांकि 3 दिसंबर 2023 को चुनाव परिणाम आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी चर्चा थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन्हें उपमुख्यमंत्री की अहम जिम्मेदारी सौंपी।

विद्याधर नगर से ऐतिहासिक जीत

दीया कुमारी ने विद्याधर नगर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की, जहां उन्हें 1,58,516 वोट मिले। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने राजसमंद सीट से लगभग 70 प्रतिशत वोटों के साथ शानदार जीत हासिल की थी, जो उनकी लोकप्रियता का बड़ा प्रमाण माना जाता है।

 Diya kumari

12 साल का सियासी अनुभव

जयपुर राजघराने की राजकुमारी दीया कुमारी, स्वर्गीय ब्रिगेडियर भवानी सिंह और महारानी पद्मिनी देवी की इकलौती संतान हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2013 में सवाई माधोपुर से विधायक बनकर की। इसके बाद 2019 में सांसद बनीं और अब राज्य की उपमुख्यमंत्री के रूप में अहम भूमिका निभा रही हैं।

उद्यमिता, कला और समाज सेवा से गहरा जुड़ाव

राजनीति के साथ-साथ दीया कुमारी एक सफल उद्यमी और कला प्रेमी भी हैं। वह महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय संग्रहालय ट्रस्ट और जयगढ़ किला चैरिटेबल ट्रस्ट की सचिव व ट्रस्टी हैं। राजस्थान की पारंपरिक कला, शिल्प, संगीत और नृत्य को बढ़ावा देने के लिए वह लगातार सक्रिय रही हैं। 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का राजदूत भी बनाया गया था। समाज सेवा और परोपकारी कार्यों के लिए उन्हें कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है।

diya kumari

शिक्षा और व्यक्तित्व में भी खास पहचान

दीया कुमारी ने दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से स्कूली शिक्षा और लंदन से उच्च शिक्षा प्राप्त की है। विदेश से लौटने के बाद उन्होंने राजमहल के अकाउंट विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली। शाही पृष्ठभूमि के बावजूद उनका स्वभाव बेहद सरल और सर्वसुलभ माना जाता है। यही कारण है कि चाय की दुकानों से लेकर राजनीतिक मंचों तक, उनके नाम की चर्चा आम है। कभी विधानसभा में मुखर भाषण, तो कभी चुनावी मंच से विरोधियों पर तीखे वार दीया कुमारी हर भूमिका में प्रभावी नजर आती हैं।

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