उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि बाबा खींवादास ने अपने जीवन का अधिकांश समय समाज सेवा और सनातन धर्म को मजबूत करने में बिताया। उन्होंने उनके गुरु लाल दास बाबा के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका समाज और धर्म के प्रति योगदान अत्यधिक प्रेरणादायक है। उपमुख्यमंत्री रविवार को सीकर जिले के दांतारामगढ़ तहसील के सांगलिया में 100 बेड का बनने वाले बाबा बंशीदास अस्पताल के शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने सांगलिया धूणी में बाबा खींवादास महाराज की धूणी के दर्शन कर पीठाधीश्वर ओमदास महाराज का आशीर्वाद लिया।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि आज हम बाबा खींवादास की पुण्यतिथि पर एक अस्पताल के भूमि पूजन कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं, तो यह उनके योगदान को सम्मानित करने का एक तरीका है और उनके मार्गदर्शन में समाज के लिए और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि उनके गुरु लाल दास महाराज ने 1945 में शिक्षा और चिकित्सा के लिए सकारात्मक प्रयास किए। उस समय उन्होंने चार से पाँच स्कूल खुलवाकर समाज को शिक्षा दी और एक औषधालय भी स्थापित किया। उन्हीं के पदचिन्हों पर चलते हुए बाबा खींवादास ने शिक्षा को हथियार बनाकर समाज को जागृत करने का काम किया।
प्रेमचंद बैरवा ने आगे कहा कि बाबा खींवादास महाराज ने भजनों के माध्यम से गांव-गांव जाकर समाज को जागृत किया और समाज में नई ऊर्जा का संचार किया। बाबा बंशीदास के नाम पर बनने वाला यह अस्पताल निश्चित रूप से समाज के लिए वरदान साबित होगा। सांगलिया धूणी समाज सेवा और आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक है। यह धाम, जो बाबा सांगाजी द्वारा 350 वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था, आज एक आध्यात्मिक केंद्र के साथ-साथ समाज सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित है। इस संस्था ने सदैव मानवता की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। बाबा सांगाजी ने हमेशा यह संदेश दिया कि सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी स्वार्थ के जन-जन के कल्याण के लिए की जाए।
बाबा बंशीदास अस्पताल इसी दृष्टिकोण का जीवंत उदाहरण है। यह अस्पताल सांगलिया धूणी के जन सेवा के प्रति समर्पण का प्रमाण है, जहां उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे हर व्यक्ति को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी। उप मुख्यमंत्री बैरवा ने कहा कि बाबा खींवादास ने समाज में नशा मुक्ति, सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण मूल्यों को स्थापित किया। उनका जीवन मानवता के लिए किए गए कार्यों और आध्यात्मिक चमत्कारों का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि सांगलिया धूणी, स्थानीय समुदाय और सरकार मिलकर इस अस्पताल के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। यह अस्पताल सुनिश्चित करेगा कि हर वर्ग और समुदाय का व्यक्ति उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि सांगलिया धाम ने पिछले 557 वर्षों से धर्म, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि सांगलिया धाम ने सदैव छुआछूत को मिटाने और गरीबों तथा वंचित वर्ग के उत्थान के लिए काम किया है। अब यहां स्कूली शिक्षा, गौ सेवा, उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बाबा बंशीदास अस्पताल बनने से क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। धोद विधायक गोर्वधन वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम में राजस्व, उपनिवेशन, सैनिक कल्याण विभाग के राज्य मंत्री विजय सिंह, राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।