राजस्थान का हरित संकल्प: ‘हरयाळो राजस्थान’ अभियान में 2.15 करोड़ से ज़्यादा पौधे रोपे गए

By admin
3 Min Read

जयपुर, राजस्थान: राजस्थान सरकार का महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री वृक्षारोपण महाअभियान हरयाळो राजस्थान” (‘एक पेड़ मां के नाम’) राज्य को हरा-भरा बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बजट 2025-2026 में घोषित 10 करोड़ पौधे लगाने और उनके पोषण के लक्ष्य के तहत, पूरे राजस्थान में सघन वृक्षारोपण जारी है।


अभियान की प्रगति: 16 जुलाई 2025 के आंकड़े

आधिकारिक पोर्टल hariyalo.rajasthan.gov.in/portaldash/ के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अभियान ने अब तक एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है। कुल 2 करोड़ 15 लाख 24 हजार 621 (21,524,621) पौधे लगाए जा चुके हैं। इसमें 11 लाख 64 हजार 423 व्यक्तिगत पौधे और 2 करोड़ 3 लाख 60 हजार 198 ब्लॉक प्लांट शामिल हैं, जो सामुदायिक सहभागिता को दर्शाते हैं।


विभिन्न विभागों का योगदान और उपलब्धियां

यह वृक्षारोपण महाअभियान सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों और नागरिकों की संयुक्त भागीदारी का परिणाम है:

  • 77,544 वृक्षारोपण स्थल: 17 जुलाई 2025 तक राज्य भर में इतने स्थानों पर पौधे रोपे गए हैं।
  • 53 प्रजातियों का फोकस: अभियान 53 विभिन्न प्रकार के पौधों पर केंद्रित है, जिससे राजस्थान की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है।
  • प्रमुख योगदानकर्ता:
    • वन विभाग (Forest Department) ने सर्वाधिक 63 लाख 28 हजार 5 पौधे लगाकर नेतृत्व किया है।
    • मनरेगा (MGNREGA) ने 55 लाख 37 हजार 467 पौधे और पीआरआई एवं ग्रामीण विकास (PRI & RD) ने 19 लाख 68 हजार 154 पौधे लगाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 8 जुलाई 2025 तक, मनरेगा 10 करोड़ वृक्षारोपण लक्ष्य में सबसे आगे रहा है।
  • वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान: हाल ही में, राजस्थान के शिक्षा विभाग (Education Department) को वृक्षारोपण में उनके असाधारण योगदान के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है, जो इस अभियान की सफलता का एक बड़ा प्रमाण है।

“हरयाळो-राजस्थान” मिशन, जिसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ना है, पर्यावरण संरक्षण और राज्य के पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। यह पहल न केवल राजस्थान को हरा-भरा (Greener Rajasthan) बना रही है, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता (Environmental Awareness) भी बढ़ा रही है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *