एनसीआर एवं आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता और राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव सुधांश पंत की सह-अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, वन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगरीय विकास, हाउसिंग बोर्ड, परिवहन, आरआरईसी, आरएसआरटीसी, गृह, उद्योग, एलएसजी, कृषि, रीको लिमिटेड एवं आरएसपीसीबी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सीएक्यूएम के समय-समय पर जारी निर्देशों की अनुपालना की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें सड़क धूल नियंत्रण, वाहन प्रदूषण, कचरे के खुले में जलाने की रोकथाम और नगरपालिका ठोस कचरा प्रबंधन पर फोकस किया गया।
प्रस्तुति में बताया गया कि विभिन्न विभाग सड़क पुनर्विकास, पुराने वाहनों पर रोक, स्वच्छ परिवहन सेवाओं को अपनाने, दिल्ली में प्रवेश करने वाली बसों को स्वच्छ ईंधन मोड में बदलने, डीजल ऑटो रिक्शा को हटाने और पराली जलाने की रोकथाम जैसे कार्यों में प्रगति कर रहे हैं। राज्य सरकार एनसीआर उप-क्षेत्र में 4 नए निरंतर वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (CAAQMS) स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
अलवर, भरतपुर और भिवाड़ी के नगरीय निकाय लैंडफिल साइट, डंप साइट, खुले ठोस कचरे और बायोमास जलाने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के उपाय कर रहे हैं। राज्य सरकार के ‘हरियालो राजस्थान अभियान’ के तहत अब तक 8.49 करोड़ पौधारोपण किए गए हैं, जिनमें से 81 लाख पौधे एनसीआर क्षेत्र में लगाए गए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से सीएक्यूएम के निर्देशों का पालन करें और जीआरएपी अवधि में लागू प्रतिबंधों एवं निगरानी के लिए तैयार रहें। अध्यक्ष, सीएक्यूएम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेषकर अलवर में बायो-रिमेडिएशन कार्य और कृषि अवशेष, विशेषकर सरसों के अपशिष्ट के बायोमास प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की।