महिलाओं से छेड़छाड़ और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग; पातेला कच्ची बस्ती में बच्चों के विवाद से बढ़ा तनाव
डूंगरपुर: शहर के विभिन्न इलाकों — पातेला घाटी, लालपुरा, फौज का बडला और पुराने हॉस्पिटल क्षेत्र — में बढ़ती असामाजिक गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए ‘हिन्दू संघर्ष समिति, डूंगरपुर’ ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। समिति ने कहा कि इन क्षेत्रों में महिलाओं, युवतियों और नाबालिग बच्चियों के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
समिति ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर कुछ असामाजिक तत्व मिलकर मारपीट और धमकाने जैसी घटनाएं करते हैं। साथ ही धार्मिक आयोजनों में अवरोध उत्पन्न किया जाता है और कई सरकारी भवनों तथा खाली भूखंडों पर अवैध कब्जे कर नशा और जुआ जैसी गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि इन संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस चौकियाँ स्थापित की जाएं, अवैध निर्माण हटाए जाएं, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और धार्मिक आयोजनों के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
वहीं, स्थानीय कुछ अन्य समूहों ने समिति के दावों का खंडन किया है। उनका कहना है कि विवादों को जानबूझकर राजनीतिक और धार्मिक रंग दिया जा रहा है, जबकि प्रशासन पहले से ही क्षेत्र में सतर्क है और घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई करता रहा है।
पातेला कच्ची बस्ती में तनाव
इधर, पातेला कच्ची बस्ती में बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस थाना कोतवाली को प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोग शाम को बस्ती में घुसे, घरों के ताले तोड़े, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और महिलाओं के साथ अनुचित व्यवहार किया।
नागरिकों का कहना है कि इन घटनाओं ने इलाके में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। हालांकि, आरोपित समूह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि विवाद केवल बच्चों के झगड़े से उत्पन्न हुआ था, जिसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक और धार्मिक रूप दिया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस से सभी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।