Kailash Gehlot ने BJP जॉइन की, AAP छोड़ने का कारण बताया अधूरे वादे और विवाद
Kailash Gehlot की बीजेपी में शामिल होने के साथ दिल्ली में राजनीतिक बदलाव की लहर तेज़ हुई, आगामी चुनावों से पहले और नेता अपनी पार्टी बदल सकते हैं।
दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। गहलोत ने इस फैसले को आसान नहीं बताया और साफ तौर पर कहा कि उनका यह कदम किसी दबाव या डर के कारण नहीं था। उन्होंने कहा, “मैंने कभी भी विधायक या मंत्री रहते हुए किसी दबाव में कोई फैसला नहीं लिया। जो लोग यह सोचते हैं कि मैंने ED या CBI के दबाव में आकर यह फैसला लिया है, वह पूरी तरह गलत हैं।”
गहलोत के बीजेपी जॉइन करने के बाद से दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है, खासकर तब जब हाल ही में कई AAP नेता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उत्तर पश्चिमी दिल्ली के बांकनेर से पूर्व AAP पार्षद राम नारायण भारद्वाज, और पश्चिमी दिल्ली के वरिष्ठ नेता हरशरण सिंह बल्ली, जो चार साल तक AAP में रहे, ने भी बीजेपी का दामन थामा। इसके पहले अगस्त में पांच AAP पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके थे।
Kailash Gehlot ने AAP की नीतियों पर उठाए सवाल
कैलाश गहलोत ने अपनी पार्टी AAP की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि पार्टी के नेतृत्व की तानाशाही और केंद्र सरकार के साथ अनावश्यक टकराव के कारण दिल्ली का विकास रुक गया है। गहलोत ने कहा, “अगर कोई हमेशा उलझता रहेगा तो विकास कैसे हो सकता है? असली विकास तो केवल बीजेपी सरकार के तहत ही संभव है।”
उन्होंने अपनी त्यागपत्र में AAP के अधूरे वादों का भी जिक्र किया। गहलोत का आरोप था कि पार्टी ने जिन वादों का भरोसा दिलाया था, उन्हें पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रही है। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी के भीतर चल रहे विवादों को भी कारण बताया, जो उन्हें AAP छोड़ने के लिए मजबूर कर रहे थे।
बीजेपी में शामिल होते हुए गहलोत ने क्या कहा?
कैलाश गहलोत ने बीजेपी में शामिल होते हुए कहा, “यह कोई रातों-रात लिया गया फैसला नहीं है। मैं अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़ा था और ईमानदारी से कहूं तो यह फैसला मेरे लिए बेहद कठिन था। मैंने बीजेपी में शामिल होने के लिए बहुत सोच-समझकर कदम उठाया है।”
बीजेपी में शामिल होते समय गहलोत ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली भाजपा प्रभारी बैजयंत पांडा और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की उपस्थिति में पार्टी का दामन थामा। इस अवसर पर बैजयंत पांडा ने कहा, “AAP का आत्मविश्वास टूट चुका है। दिल्ली की जनता ने तय कर लिया है कि वह आगामी चुनावों में बीजेपी को सत्ता में लाएंगे।”
दिल्ली चुनाव से पहले बढ़ सकता है दलबदल
दिल्ली में अगले साल की शुरुआत में होने वाले चुनावों से पहले कई नेताओं के दलबदल की संभावना जताई जा रही है। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “आने वाले दिनों में और नेता बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। वे लंबे समय से हमारे संपर्क में हैं। पार्टी और सरकार की कार्यशैली से कई नेता नाराज़ हैं और इसका असर आगामी चुनावों में देखने को मिलेगा।”
सूत्रों के अनुसार, AAP के भीतर भी कई नेता पार्टी के फैसलों से असंतुष्ट हैं और वे भविष्य में भाजपा में शामिल हो सकते हैं। एक AAP के अंदरूनी सूत्र ने कहा, “हाल ही में कुछ भाजपा नेता सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हुए हैं और भविष्य में और लोग ऐसा करेंगे।”
बीजेपी का प्रदूषण मुद्दे पर हमला
बीजेपी दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे को लेकर AAP पर हमला करने की तैयारी कर रही है। अगले महीने दिल्ली में होने वाली बीजेपी की ‘परिवर्तन यात्रा’ का मुख्य मुद्दा प्रदूषण होगा। पार्टी का कहना है कि AAP ने दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए और इस मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रही है।
इस समय, जब दिल्ली में प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन चुका है, बीजेपी इसका राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता मानते हैं कि दिल्ली के लोग इस मुद्दे को लेकर असंतुष्ट हैं और आगामी चुनावों में इसका बड़ा असर देखने को मिलेगा।