प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जयपुर में ‘Rising Rajasthan ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज जयपुर में आयोजित Rising Rajasthan ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का उद्घाटन करेंगे। यह समिट प्रदेश की आर्थिक विकास दर को बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। पीएम मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और राज्य सरकार के प्रयासों को पूरी दुनिया के सामने रखेंगे। समिट का आयोजन जयपुर के सीतापुरा स्थित जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है, जो अगले तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान राज्य के विकास के लिए वैश्विक निवेशकों से निवेश आकर्षित करने की कोशिश की जाएगी।
समिट में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी: 30 देशों के राजनयिक शामिल
इस समिट में दुनिया भर से महत्वपूर्ण व्यापारिक और आर्थिक नेतृत्व की उपस्थिति होगी। समिट में 16 भागीदार देशों और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। कुल मिलाकर, 30 से अधिक देशों के राजनयिक, उद्योगपति, निवेशक और विभिन्न क्षेत्रीय संगठन इसमें भाग लेंगे। यह समिट एक शानदार मंच प्रदान करेगा जहां निवेशक और राज्य सरकार मिलकर प्रदेश में औद्योगिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रणनीतियाँ बनाएंगे।
5,000 से अधिक निवेशक और कारोबार जगत के अधिकारी होंगे शामिल
Rising Rajasthan समिट के उद्घाटन सत्र में राज्य के प्रमुख उद्योगपतियों, केंद्रीय मंत्रियों और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा 5,000 से अधिक निवेशक, कारोबार और व्यापार जगत के अधिकारी, डेलिगेट्स और अन्य प्रतिभागी मौजूद रहेंगे। ये सभी अपने अनुभव और विशेषज्ञता के साथ इस समिट में शामिल होंगे ताकि वे राज्य के विकास के लिए अपनी भूमिका निभा सकें और भविष्य में सहयोग के लिए मार्ग प्रशस्त कर सकें।
सीएम भजनलाल शर्मा का स्वागत भाषण
समिट के उद्घाटन सत्र की शुरुआत राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के स्वागत भाषण से होगी। मुख्यमंत्री का भाषण प्रदेश सरकार की योजनाओं और विकास के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करेगा। साथ ही, वह निवेशकों को यह संदेश देंगे कि राजस्थान राज्य व्यापारिक और उद्योगिक विकास के लिए तैयार है और इस समिट के माध्यम से राज्य में एक नई ऊर्जा और विकास की लहर आएगी।
30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव की उम्मीद
राजस्थान सरकार ने इस समिट के माध्यम से लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त करने का दावा किया है। यह निवेश राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में किया जा सकता है, जिसमें उद्योग, बुनियादी ढांचा, तकनीकी क्षेत्र, ऊर्जा, और कृषि प्रमुख हैं। निवेश से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। राज्य सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स में निवेश आकर्षित करने के लिए कई योजनाओं और प्रोत्साहन उपायों की घोषणा की है।
Rising Rajasthan समिट का उद्देश्य और महत्व
राजस्थान सरकार के लिए यह समिट राज्य के विकास के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घाटन राजस्थान के लिए बड़े निवेशों का रास्ता खोलने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य के अन्य अधिकारी इसे एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, क्योंकि इससे राज्य के विकास में एक नई दिशा मिल सकती है। Rising Rajasthan के दौरान, सरकार अपनी ‘राजस्थान निवेश नीति’ और अन्य योजनाओं को प्रकट करेगी, जो निवेशकों के लिए आकर्षण का कारण बन सकती हैं।
राज्य सरकार की योजनाएँ और अवसर
Rising Rajasthan: राज्य सरकार ने कई प्रमुख योजनाओं का खाका तैयार किया है, जिसमें औद्योगिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, तकनीकी नवाचार, और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य ने इन योजनाओं के तहत निवेशकों के लिए कर प्रोत्साहन, सब्सिडी, और विशेष निवेश क्षेत्रों का ऐलान किया है। Rising Rajasthan समिट इन योजनाओं को विस्तार से साझा करने का एक बेहतरीन मंच बनेगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को उद्योगों और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।
निवेशक मित्रवत वातावरण का निर्माण
Rising Rajasthan समिट के माध्यम से राज्य सरकार यह दिखाना चाहती है कि राजस्थान अब निवेशकों के लिए एक मित्रवत वातावरण प्रदान करने के लिए तैयार है। राज्य में बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक क्षेत्र में सुधार के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके अलावा, सरकार ने फास्ट ट्रैक निवेश प्रक्रिया, निवेशकों के लिए एकल खिड़की प्रणाली, और निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की है, ताकि निवेशकों को आसानी से अपने निवेश की दिशा तय करने में मदद मिल सके।
वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य
Rising Rajasthan ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां वैश्विक निवेशकों को प्रदेश के विकास की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी और उन्हें निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। सरकार ने कई निवेशकों के लिए विशेष योजनाओं का ऐलान किया है, जिससे यह समिट वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
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