दिल्ली School को बम धमकी: ईमेल से मिली चेतावनी, बच्चों को सुरक्षित घर भेजा गया
दिल्ली के कई प्रसिद्ध School को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई थी, जिसमें दिल्ली पब्लिक School (DPS), जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, मदर मैरी School, और कई अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों का नाम लिया गया। धमकी के बाद, सुरक्षा के लिहाज से स्कूलों को तुरंत खाली कराया गया और बच्चों को घर भेज दिया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरी जांच शुरू कर दी है।
धमकी वाले School में प्रमुख नाम
ईमेल में जिन School का उल्लेख किया गया, उनमें दिल्ली के प्रमुख और प्रतिष्ठित संस्थान शामिल हैं। इनमें डीपीएस आरकेपुरम, डीपीएस पश्चिम विहार, जीडी गोयनका पब्लिक School, मदर मैरी School, ब्रिटिश School, सलवान पब्लिक School और कैम्ब्रिज स्कूल प्रमुख हैं। इन स्कूलों में बच्चों को घर भेजने के बाद, पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए School परिसर की पूरी जांच की।
पिछले सप्ताह की घटना से तुलना
दिल्ली में यह धमकी एक सप्ताह पहले हुई एक अन्य घटना के संदर्भ में आई है। पिछले सप्ताह, रोहिणी स्थित वेंकटेश्वर ग्लोबल स्कूल को भी बम की धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। हालांकि, वह धमकी बाद में झूठी साबित हुई थी। लेकिन सोमवार को हुई इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन को ज्यादा सतर्क किया गया है।
सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
धमकी मिलने के बाद, दिल्ली पुलिस और बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) ने तुरंत कार्रवाई की और सभी स्कूलों की गहन जांच शुरू की। इसके अलावा, डॉग स्क्वॉड को भी घटनास्थल पर तैनात किया गया ताकि किसी भी प्रकार के बम या विस्फोटक सामग्री का पता लगाया जा सके। दिल्ली दमकल सेवा (DFS) के अधिकारियों ने भी पुलिस के साथ मिलकर पूरे स्कूल परिसर की छानबीन की। स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त और त्वरित प्रतिक्रिया दी गई।
प्रशांत विहार में धमाका और उसकी जांच
दिल्ली के प्रशांत विहार में एक दिन पहले हुई घटना का भी असर इस धमकी के मामले पर पड़ा। वहां स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में कम तीव्रता का धमाका हुआ था। हालांकि, यह धमाका कोई गंभीर घटना नहीं थी, लेकिन इसने स्कूल प्रशासन और पुलिस को सतर्क कर दिया। धमाके के बाद, प्रशासन ने तुरंत अभिभावकों को सूचित किया और छात्रों को घर भेज दिया।
पिछले कुछ महीनों में बम धमकी की बढ़ती घटनाएं
दिल्ली और अन्य राज्यों में बम की धमकियों का सिलसिला लंबे समय से जारी है। दो महीने पहले, दिल्ली और देशभर के कई सीआरपीएफ स्कूलों को भी इसी तरह की ईमेल धमकियों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के लखनऊ में भी तीन प्रमुख स्थानों पर बम की धमकी दी गई थी, लेकिन बाद में ये धमकियां झूठी साबित हुईं। इन घटनाओं से यह साफ है कि हाल के दिनों में बम की धमकी के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है।
धमकी के बाद अभिभावकों और बच्चों की प्रतिक्रिया
बम की धमकी के बाद अभिभावकों में भी चिंता का माहौल बन गया था। कई माता-पिता ने तुरंत अपने बच्चों से संपर्क किया और उन्हें स्कूल से घर वापस बुला लिया। स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को स्थिति से अवगत कराते हुए उन्हें शांति बनाए रखने की अपील की। वहीं, छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों ने जल्द से जल्द खाली कराए जाने के फैसले को सही ठहराया।
दिल्ली पुलिस और प्रशासन की सक्रियता
दिल्ली पुलिस ने तुरंत प्रभाव से बम निरोधक दस्ता और अन्य संबंधित एजेंसियों को घटनास्थल पर भेजा। एएनआई के अनुसार, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि “हमने सभी स्कूलों की पूरी जांच की है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हमें किसी प्रकार के विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री का कोई भी पता नहीं चला है।” इसके बावजूद, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं और हर परिस्थिति का समुचित समाधान खोजने के प्रयास में जुटे हैं।
नकली धमकियों का बढ़ता खतरा
ऐसी घटनाओं के बीच एक सवाल यह भी उठता है कि क्या ये धमकियां नकली हैं या इनमें कोई वास्तविक खतरा है। कई बार बम धमकियों के मामले में यह सामने आया है कि धमकियां झूठी साबित हुईं हैं। उदाहरण के लिए, कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश में बम की धमकी को झूठा पाया गया था। इसके बावजूद, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हर धमकी को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करती हैं, क्योंकि यह बच्चों और विद्यालयों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
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