केजरीवाल का BJP के संकल्प पत्र पर हमला: मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा बंद करने का आरोप
Kejriwal: दिल्ली विधानसभा चुनाव के समीप, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने संकल्प पत्र के दूसरे हिस्से को जारी किया, जिसमें कई अहम मुद्दों का उल्लेख किया गया। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री Kejriwal ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी के संकल्प पत्र में किए गए वादों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और दावा किया कि अगर बीजेपी की सरकार बनी, तो दिल्लीवासियों का बजट बिगड़ जाएगा और उन्हें बड़ी आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
मुफ्त शिक्षा पर बीजेपी का बयान
बीजेपी के संकल्प पत्र में एक बड़ा वादा किया गया था कि दिल्ली में मुफ्त शिक्षा को बंद कर दिया जाएगा, और केवल जरूरतमंद बच्चों को ही शिक्षा के लिए सहायता दी जाएगी। इस फैसले पर अरविंद Kejriwal ने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि यदि बीजेपी को दिल्ली में सत्ता मिली, तो सरकार द्वारा चल रही मुफ्त शिक्षा योजना को खत्म कर दिया जाएगा, जिससे दिल्ली के 18 लाख बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाने के लिए हर महीने 10 से 15 हजार रुपये का खर्चा करना होगा।
Kejriwal ने यह भी आरोप लगाया कि मुफ्त शिक्षा केवल उन्हीं लोगों तक सीमित होगी जो BJP के नेताओं के पास जाकर उनकी सिफारिश हासिल करेंगे। इस प्रकार, उन्होंने कहा कि दिल्ली में मुफ्त शिक्षा का जो व्यवस्था मौजूद है, वह केवल गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सहारा दे रही थी, उसे BJP ने अपने संकल्प पत्र में खत्म करने का वादा किया है।
मोहल्ला क्लीनिक बंद करने का खतरनाक फैसला
Kejriwal ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि बीजेपी ने अपने पहले संकल्प पत्र में दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक बंद करने की बात कही थी। मोहल्ला क्लीनिक दिल्ली में गरीबों और आम जनता को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हैं, जिसमें मुफ्त डॉक्टर परामर्श, दवाइयां और जांच शामिल हैं। Kejriwal ने कहा कि अगर बीजेपी ने मोहल्ला क्लीनिक बंद कर दिए, तो दिल्लीवासियों को इलाज के लिए कम से कम 500 रुपये की फीस देनी पड़ेगी और दवाइयों तथा जांच के लिए अलग से खर्च करना पड़ेगा।
उन्होंने इसे दिल्लीवासियों के लिए एक बड़ा वित्तीय बोझ बताया और कहा कि बीजेपी का यह कदम गरीबों के लिए असहनीय होगा। Kejriwal ने कहा कि दिल्ली में 2000 से ज्यादा मोहल्ला क्लीनिक खुले हैं, जो गरीबों को स्वास्थ सुविधाएं प्रदान करते हैं, और बीजेपी द्वारा इसे बंद करने से दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा।
Kejriwal का दिल्लीवासियों को चेतावनी
Kejriwal ने दिल्लीवासियों को चेतावनी दी कि अगर दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनी, तो ना केवल मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बंद होंगी, बल्कि लोगों का आर्थिक बोझ भी बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी सत्ता में आई तो झुग्गी में रहने वाले लोगों को भी नुकसान होगा, क्योंकि BJP ने पहले भी झुग्गी-झोपड़ी को हटाने का वादा किया था। केजरीवाल ने यह भी कहा कि इस तरह की नीतियों से गरीब वर्ग को नुकसान होगा, क्योंकि उनकी झुग्गियां तोड़ दी जाएंगी और उन्हें कहीं और जाना पड़ेगा।
Kejriwal ने कहा कि दिल्ली सरकार की कई योजनाएं गरीबों के कल्याण के लिए हैं, और बीजेपी के संकल्प पत्र से यह साफ है कि अगर वे सत्ता में आए तो ये सभी योजनाएं समाप्त हो जाएंगी, जिससे दिल्ली के हर परिवार को भारी आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ेगा।
बीजेपी के संकल्प पत्र का विरोध
Kejriwal ने बीजेपी के संकल्प पत्र को “खतरनाक” करार दिया और कहा कि यह केवल दिल्ली के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के वादों का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ प्राप्त करना है, और यह केवल दिल्लीवासियों के भविष्य से खिलवाड़ करने जैसा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में जिस तरह के वादे किए हैं, वह दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों के खिलाफ हैं और इसके परिणामस्वरूप समाज में और अधिक असमानता बढ़ेगी।
Kejriwal ने यह भी कहा कि बीजेपी के संकल्प पत्र में जो वादे किए गए हैं, वे केवल राजनीतिक प्रचार के लिए हैं और इनका असल मकसद जनता के बीच भ्रम फैलाना है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे बीजेपी के झूठे वादों से सावधान रहें और दिल्ली की भलाई के लिए उनके द्वारा बनाई गई योजनाओं को बनाए रखें।
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