Stock Market Crash: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, जानिए बाजार में मंदी की प्रमुख वजहें
Market Crash: मंगलवार का दिन भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छा नहीं रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 1% की गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना रहा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व के आगामी फैसलों से पहले भारतीय बाजार में सतर्कता थी। इसके अलावा, कुछ घरेलू और वैश्विक संकेतकों ने भी बाजार पर दबाव डाला। जानिए इस गिरावट के प्रमुख कारण:
1. अमेरिकी फेड का फैसला: बाजार की नजरें फेड की बैठक पर
Market Crash: भारतीय बाजार के निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक के फैसले पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं। पिछले कुछ समय से बाजार में 25 बेसिस प्वॉइंट की दर में कटौती हो चुकी है, लेकिन अब निवेशक फेड चेयरमैन, जेरोम पॉवेल की टिप्पणी और आगे की रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अगर फेड का निर्णय बाजार की उम्मीदों से अलग होता है, तो इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ सकता है, जिसमें भारतीय शेयर बाजार भी शामिल है।
2. रुपया कमजोर, डॉलर के मुकाबले निचले स्तर पर
Market Crash: मंगलवार को डॉलर के मुकाबले रुपये में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। रुपया 1 पैसे की गिरावट के साथ 84.92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट नवंबर महीने में भारत के वित्तीय घाटे के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने और सोने की खरीदारी बढ़ने के कारण आई है। रुपये में यह कमजोरी वैश्विक निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है, और भारतीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
3. FIIs की खरीदारी नहीं, निवेशकों में संकोच
Market Crash: बाजार में गिरावट का एक और कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से ताजा खरीदारी की कमी रही। सोमवार को FIIs ने कैश मार्केट में ₹279 करोड़ की बिकवाली की। इससे भारतीय बाजार में दबाव बढ़ा और बाजार में गिरावट आई। जब तक FIIs ने बाजार में अपनी भागीदारी नहीं बढ़ाई, तब तक इस तरह के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा।
4. दिग्गज स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव
Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में कुछ दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), भारती एयरटेल, नेस्ले इंडिया, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), बजाज फिनसर्व, HDFC बैंक, JSW स्टील, और टाइटन जैसे प्रमुख स्टॉक्स में बिकवाली ने सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव डाला। इन दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट ने प्रमुख इंडेक्स को नुकसान पहुंचाया और बाजार को नकारात्मक दिशा में धकेल दिया।
5. बैंक ऑफ जापान की पॉलिसी बैठक: वैश्विक चिंताएं
Market Crash: वैश्विक बाजारों पर असर डालने वाली एक और प्रमुख घटना बैंक ऑफ जापान की पॉलिसी बैठक थी, जो 18-19 दिसंबर के बीच होने वाली है। बैंक ऑफ जापान का केंद्रीय बोर्ड भी छोटी अवधि के लिए ब्याज दरों पर फैसला लेने वाला है। इस बैठक का असर एशिया के अन्य बाजारों के साथ-साथ भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है, जिससे निवेशक सतर्क हैं और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
6. ग्लोबल संकेतों का असर: एशियाई बाजारों में गिरावट
Market Crash: भारत के अलावा एशिया के अन्य बाजारों में भी दबाव देखने को मिला। दक्षिण कोरिया, शंघाई और हॉन्ग कॉन्ग के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारतीय निवेशकों में घबराहट बढ़ी। हालांकि, जापान के टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज पर सकारात्मक माहौल था, लेकिन अन्य एशियाई बाजारों में कमजोरी के चलते भारतीय बाजार में भी गिरावट आई।
7. बाजार के अंदरूनी कारक: लिक्विडिटी संकट और मुद्रास्फीति
Market Crash: भारत में घरेलू स्तर पर भी कुछ आर्थिक कारक बाजार में दबाव डाल रहे हैं। लिक्विडिटी संकट और मुद्रास्फीति की बढ़ती दर ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया है। बाजार में दबाव के कारण निवेशक सतर्क हो गए हैं और उन्होंने अपने निवेश को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया। इससे बाजार में गिरावट और अधिक बढ़ी।