Noori Jama Masjid पर चला बुलडोजर, यूपी सरकार का अतिक्रमण हटाने का अभियान
उत्तर प्रदेश के ललौली क्षेत्र में स्थित 180 साल पुरानी Noori Jama Masjid पर मंगलवार सुबह योगी सरकार द्वारा बुलडोजर चलाए गए। यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण के चलते Noori Jama Masjid के कुछ हिस्से के अतिक्रमण में आ जाने के बाद की गई है। प्रशासन ने भारी पुलिस बल के साथ Noori Jama Masjid के एक हिस्से को जमींदोज करने की कार्रवाई शुरू की, जिसे लेकर मस्जिद कमेटी और प्रशासन के बीच गतिरोध उत्पन्न हो गया था।
सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया
24 सितंबर 2023 को यूपी पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया था। इस दौरान मस्जिद के कुछ हिस्से अतिक्रमण के दायरे में आ गए थे। मस्जिद कमेटी ने प्रशासन से एक महीने का समय मांगा था, ताकि वे अतिक्रमण खुद हटा सकें। हालांकि, निर्धारित समय सीमा समाप्त हो जाने के बावजूद अतिक्रमण को हटाया नहीं गया। इसके बाद मस्जिद कमेटी ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर को सुनवाई की तिथि तय की थी, लेकिन उससे पहले ही प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
Noori Jama Masjid के हिस्से को ध्वस्त करने की प्रक्रिया
बुलडोजर की मदद से मस्जिद के उस हिस्से को ध्वस्त किया गया, जो सड़क चौड़ीकरण के लिए अवरुद्ध हो रहा था। इस दौरान प्रशासन ने दो बुलडोजरों का इस्तेमाल किया। पुलिस के आलावा, प्रशासनिक अधिकारियों, एएसपी विजय शंकर मिश्रा, एडीएम, आरएएफ, पीएसी समेत विभिन्न थानों का बल भी मौके पर तैनात किया गया था। हालांकि, पूरी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। किसी प्रकार की अप्रिय घटना या हिंसा की कोई सूचना नहीं मिली।
Noori Jama Masjid कमेटी का हाईकोर्ट में मामला
मस्जिद कमेटी द्वारा इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मस्जिद के पक्ष में सुनवाई की तारीख 13 दिसंबर तय की गई थी, लेकिन प्रशासन ने उस तारीख से पहले ही अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मस्जिद के उस हिस्से को हटा दिया गया, जिसे अतिक्रमण के दायरे में आने के कारण जमींदोज किया गया। मस्जिद के आसपास के इलाकों में प्रशासन द्वारा सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।
आवश्यकता के अनुसार कार्रवाई
एसपी विजय शंकर मिश्रा ने इस मामले में बयान देते हुए कहा कि मस्जिद के अतिक्रमण वाले हिस्से को हटाया गया है। सड़क चौड़ीकरण के कार्य के लिए यह कदम आवश्यक था, ताकि सड़क के दोनों ओर से यातायात में कोई रुकावट न आए। प्रशासन का कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी और योजनाबद्ध थी, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक उपयोग के लिए सड़क को चौड़ा करना है।
Noori Jama Masjid के आसपास सुरक्षा इंतजाम
इस कार्रवाई को लेकर कई दिनों से स्थानीय इलाके में तनाव का माहौल था, लेकिन प्रशासन ने पहले ही इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर लिया था, ताकि शांति बनी रहे। पूरे ध्वस्तीकरण अभियान में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह मस्जिद के साथ-साथ आसपास के अन्य धार्मिक और सार्वजनिक स्थल से संबंधित भी हो सकती थी, लेकिन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी विवाद या हिंसा न हो।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। विपक्षी पार्टियाँ इस कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से देख रही हैं और इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कार्रवाई के रूप में पेश कर रही हैं। वहीं, यूपी सरकार ने इसे सिर्फ अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई और सार्वजनिक सुविधाओं को बढ़ाने के एक कदम के रूप में बताया है। मस्जिद के आसपास के इलाके में तैनात सुरक्षा बलों का कहना था कि प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर पहले से ही पूरी तैयारियां की गई थीं और सभी व्यवस्थाएं उचित थीं।
योगी सरकार का अतिक्रमण अभियान
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश में अवैध निर्माणों के खिलाफ कई बार कड़ी कार्रवाई की है। यह अभियान उनके कार्यकाल में लगातार जारी है, जिसमें अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर चलाना प्रमुख कार्रवाई बन चुका है। यूपी सरकार का यह अभियान सड़क चौड़ीकरण, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने और शहरी क्षेत्रों में विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
Noori Jama Masjid का ऐतिहासिक महत्व
Noori Jama Masjid, जो 180 साल पुरानी है, ललौली क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्वता को देखते हुए इसे विशेष रूप से संरक्षित किया जाना चाहिए था। लेकिन सड़क चौड़ीकरण के कारण इसके कुछ हिस्से में अतिक्रमण होने के कारण यह कार्रवाई जरूरी बन गई थी।
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