रक्षाबंधन के मौके पर राखियों और अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) द्वारा शासन सचिवालय, जयपुर परिसर में 6 से 8 अगस्त तक राखी मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में लगाई गई स्टॉल्स पर रंग-बिरंगी राखियों के साथ-साथ भुजिया, पापड़, अचार, नमकीन और अन्य सजावटी आइटम उचित मूल्य पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बुधवार को ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्टॉल्स का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने राजीविका की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मेलों से महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का एक अच्छा मंच मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है।
मेले में विभिन्न जिलों से आए उत्पादों की खास बात यह रही कि जयपुर और बांसवाड़ा की राखियां, बीकानेर के नमकीन, पापड़, भुजिया और मंगौड़ी, राजसमंद का शरबत और गुलाबजल, जोधपुर के बाजरे के बिस्किट व बीकानेर के कुकीज़, जयपुर के वुडन वर्क, झालावाड़ की चादरें और अचार जैसे स्थानीय उत्पाद महिला समूहों द्वारा बनाए गए हैं और इन्हें उचित मूल्य पर बेचा जा रहा है।
इस मेले में 7 जिलों से 14 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भाग लिया है। राजीविका की ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग के साथ इन उत्पादों की प्रस्तुति और बिक्री की जा रही है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।