संसद में गिरकर चोटिल हुए BJP सांसद प्रताप सारंगी, बोले- Rahul Gandhi ने दिया धक्का

By Editor
5 Min Read
Rahul Gandhi

प्रताप सारंगी पर Rahul Gandhi के आरोप: सदन में हुई धक्का-मुक्की पर सांसदों के बीच गर्मा-गर्म बयान

भारत में संसद की कार्यवाही में अक्सर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं, लेकिन हाल ही में हुए एक विवाद ने सभी की ध्यान आकर्षित किया। बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी के एक आरोप के बाद राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। सारंगी ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कारण वह संसद में गिरकर चोटिल हो गए। इस पर Rahul Gandhi ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सब कैमरे में कैद है और सदन में जाने की कोशिश करते वक्त बीजेपी सांसदों ने उन्हें धक्का दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के सांसदों ने न केवल उन्हें बल्कि कांग्रेस नेता खड़गे को भी धक्का दिया।

बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी का आरोप

बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी ने संसद की कार्यवाही के दौरान एक घटना के बारे में बयान दिया, जिसमें उनका कहना था कि राहुल गांधी के धक्के से वह गिर गए। सारंगी ने बताया कि वह सीढ़ियों पर खड़े थे, जब राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया और वह सांसद उनके ऊपर गिर पड़े, जिससे वह गिर गए और चोटिल हो गए। प्रताप सारंगी के इस आरोप के बाद विपक्ष और सरकार के बीच विवाद तेज हो गया है।

Rahul Gandhi का जवाब

Rahul Gandhi ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि यह सब कैमरे में कैद है और सत्य सामने आ जाएगा। Rahul Gandhi ने कहा, “मैं सदन में जाने की कोशिश कर रहा था और बीजेपी के सांसदों ने मुझे धकेला और धमकाया। इसके अलावा, खड़गे जी को भी धक्का दिया गया। हमें धक्का-मुक्की से कुछ नहीं होता है, और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम संसद में अपने अधिकारों का पालन करेंगे। बीजेपी सांसद हमें संसद में जाने से नहीं रोक सकते।”

Rahul Gandhi ने आगे कहा कि यह मुद्दा बीजेपी सांसदों की ओर से किए गए उकसावे का परिणाम था और उन्हें किसी भी तरह की धमकियों से डरने की जरूरत नहीं है। Rahul Gandhi का कहना था कि वे संसद में अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूती से खड़े रहेंगे।

आंबेडकर के मुद्दे पर विवाद और विरोध

यह विवाद तब हुआ जब संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब आंबेडकर के बारे में एक बयान दिया, जिसे लेकर विपक्षी दलों में भारी विरोध देखा गया। विपक्ष का कहना है कि गृहमंत्री का बयान आंबेडकर का अपमान है, और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने शाह के इस्तीफे और माफी की मांग की है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने संसद में जमकर विरोध किया और भारत सरकार से आंबेडकर के प्रति सम्मान की मांग की।

इसी मुद्दे के विरोध में इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने एक प्रोटेस्ट मार्च का आयोजन किया, जो संसद में आंबेडकर की प्रतिमा से शुरू होकर मकर द्वार तक पहुंचा। विपक्ष ने इस मार्च के दौरान आरोप लगाया कि गृहमंत्री अमित शाह ने जानबूझकर आंबेडकर का अपमान किया और इस बयान को “अक्षम्य” करार दिया।

इंडिया ब्लॉक की प्रतिक्रिया

इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने गृहमंत्री के बयान को न केवल आंबेडकर के अपमान के रूप में देखा, बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और गृहमंत्री शाह पूरी तरह से दोषी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने साफ तौर पर कहा कि वे शाह से माफी की उम्मीद करते हैं, लेकिन माफी की बजाय गृहमंत्री धमकियां दे रहे हैं, जिससे विपक्ष और भी अधिक आक्रोशित हो गया है।

कांग्रेस का पक्ष

कांग्रेस ने इस पूरे विवाद को गंभीरता से लिया और गृहमंत्री के बयान को संसद में आंबेडकर के योगदान के खिलाफ एक बड़े आघात के रूप में देखा। कांग्रेस ने इस मामले में अपनी मजबूती से आपत्ति दर्ज कराई है और आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने जानबूझकर आंबेडकर के बारे में अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। इसके अलावा, कांग्रेस ने यह भी कहा कि गृहमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया, जिससे स्थिति और भी खराब हो गई।

Sambhal से मुजफ्फरनगर तक: मुस्लिम इलाकों में ‘खंडहर’ बने सदियों पुराने मंदिर, सालों से बुझा पड़ा दीपक

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *