जयपुर। दशकों पुरानी ‘डार्क मैरून ब्रीफकेस’ परंपरा को पीछे छोड़ते हुए राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी इस बार विधानसभा में ‘भगवा बैग’ के साथ बजट पेश करेंगी। यह बदलाव सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भजनलाल सरकार के सांस्कृतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। ब्रिटिश काल से प्रेरित ‘बजट बॉक्स’ की परंपरा लंबे समय से चली आ रही थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे बदलते हुए भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़ने की पहल की है। भगवा रंग को भारतीय परंपरा में त्याग, सेवा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। सरकार के सूत्रों के अनुसार, यह कदम ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ और ‘अंत्योदय’ की भावना को दर्शाने की कोशिश है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहले ही इस बजट को ‘आस्था और अर्थव्यवस्था’ का संगम बता चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि बजट में धार्मिक पर्यटन, धरोहर संरक्षण और मंदिर विकास से जुड़ी योजनाओं पर विशेष फोकस हो सकता है। साथ ही पर्यटन क्षेत्र—हेरिटेज सर्किट, डेजर्ट टूरिज्म और वाइल्ड लाइफ टूरिज्म—को बढ़ावा देने के लिए नई घोषणाओं या विशेष पैकेज की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि बैग का रंग पारंपरिक और सांस्कृतिक संदेश से जुड़ा है, लेकिन बजट प्रस्तुति पूरी तरह आधुनिक होगी। वित्त मंत्री दिया कुमारी डिजिटल टैबलेट के जरिए पेपरलेस बजट पेश करेंगी, जिससे पारदर्शिता और तकनीकी उन्नयन पर सरकार का जोर भी स्पष्ट होगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ‘भगवा बैग’ में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास के लिए क्या खास घोषणाएं छिपी हैं।
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