Rajasthan News: जल जीवन मिशन में कथित गड़बड़ी के मामले में अब तक 12 लोग गिरफ्तार

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जयपुर, 13 फ़रवरी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने बताया कि प्रदेश में गत वर्षों में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में अनियमिताओं पर विभाग द्वारा कठोर कारवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन में फ़र्जी प्रमाणपत्र के आधार पर प्राप्त निविदाओं को विभाग द्वारा निरस्त कर संबंधित संवेदकों के विरुद्ध पंजीयन नियमों के अनुसार कार्यवाही की गई है। साथ ही जल जीवन मिशन में वित्तीय नियमों की अवहेलना एवं निम्न गुणवत्ता के कार्यों में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही एवं संवेदकों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि विभिन्न प्रकरणों में अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच किये जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन से संबंधित भ्रष्टाचार प्रकरणो में अब तक 206 राजसेवको को चिन्हित किया गया है। इनमें से 68 राजसेवको के विरूद्व कार्मिक विभाग द्वारा सीसीए नियम-16 के तहत आरोप पत्र जारी किए जा चुके है।

साथ ही 23 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 18 अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अनुच्छेद 17 ए के अंतर्गत कारवाई की अनुमति दी गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के विभिन्न प्रकरणों में अब तक 12 गिरफ्तारियां हुई है। इनमें एक पूर्व मंत्री, तीन अभियंता, संवेदक व उनका स्टाफ शामिल है। इसके अतिरिक्त 53 संवेदकों तथा दो तृतीय पक्ष जांच एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इनसे 5.34 रुपये करोड़ की वसूली की गई है एवं 3.77 करोड़ रुपए की वसूली प्रक्रियाधीन है !

प्रदेश सरकार उठा रही कदम

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार जयपुर शहर में वर्तमान एवं भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं के अनुरूप योजना बनाकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जयपुर को पेयजल आपूर्ति हेतु स्वीकृत बीसलपुर जयपुर पेयजल परियोजना स्टेज-॥ फेज-1 के तहत मैसर्स आई.एच.पी. एण्ड जी.सी.के.सी. प्रोजेक्टस एण्ड वर्क्स प्रा.लि. जयपुर को 173.16 करोड रुपए का कार्यादेश दिनांक 12 मार्च 2020 को जारी किया गया था। उक्त कार्यादेश के अन्तर्गत इन्टेक पम्प हाउस पर पम्प बदलने का कार्य, सूरजपुरा में 216 एमएलडी क्षमता का नवीन जल शोधन संयंत्र तथा पम्प हाउस एवं रेनवाल में 30 एमएलडी के दो स्वच्छ जलाशय, पम्प हाउस तथा अन्य प्रावधित कार्य सम्पादित कराये जाने थे।      

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि उक्त परियोजना के अंतर्गत सूरजपुरा में नवनिर्मित जलशोधन संयंत्र का ट्रायल रन लेने पर पाया गया कि संयंत्र अपनी पूर्ण डिजाईन क्षमता के अनुरूप कार्य नहीं कर रहा है। संयंत्र की तकनीकी कमियों को ठीक करने हेतु विभाग द्वारा संवेदक को नोटिस जारी कर निर्देशित किया गया है। संवेदक के साथ एकल बिन्दू उत्तरदायित्व आधारित अनुबंध सम्पादित किया गया है जिसके अनुसार परियोजना अन्तर्गत सभी कार्यों के डिज़ाइन व संचालन की जिम्मेदारी संवेदक की है।

जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि उक्त परियोजना में विभाग द्वारा मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जयपुर को स्वतंत्र विशेषज्ञ संस्थान के रूप में नियुक्त किया गया है। संस्थान से तकनीकी रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त उसके अनुसार जल शोधन संयंत्र के पुनरुत्थान/नवीनीकरण का कार्य संवेदक द्वारा स्वय के खर्चे पर सम्पादित किया जाएगा। विभाग पर इसका कोई अतिरिक्त व्यय नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उक्त परियोजना का कार्य प्रगतिरत है तथा अनुबंध अन्तरिम रूप से दिनांक 31 मार्च 2026 तक बढाया गया है। कन्हैया लाल चौधरी 16वीं राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र के अंतर्गत विभाग को प्राप्त राजस्थान विधानसभा के प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमों के नियम-131 के तहत मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ द्वारा लाए गए ध्यान आकर्षण प्रस्ताव संख्या- 35 का प्रतिउत्तर दे रहे थे।

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