तारिक रहमान को बांग्लादेश में मिली जीत भारत के लिए क्या हैं मायने?

4 Min Read

ढाका। बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। पार्टी चेयरमैन तारिक रहमान अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद 25 दिसंबर 2025 को लंदन से ढाका लौटे रहमान ने चुनावी नेतृत्व संभालते ही पार्टी में नई ऊर्जा भर दी।

कितनी सीटें मिलीं?

अंग्रेजी दैनिक The Daily Star की रिपोर्ट के मुताबिक, अनऑफिशियल नतीजों में BNP के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 181 सीटों पर जीत हासिल की है, जो बहुमत के 151 आंकड़े से काफी अधिक है। मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 61 सीटें मिलीं। इस्लामी आंदोलन को 1 सीट और अन्य के खाते में 6 सीटें गई हैं। ये आंकड़े शुक्रवार सुबह 10 बजे तक के बताए गए हैं। BNP ने 300 संसदीय सीटों में से 292 पर चुनाव लड़ा था, जबकि बाकी सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी थीं।

कौन हैं तारिक रहमान?

तारिक रहमान पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और तीन बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया के बड़े बेटे हैं। वे पिछले 17 वर्षों से लंदन में निर्वासन में रह रहे थे। ढाका वापसी के कुछ समय बाद बीमार चल रही खालिदा जिया का निधन हो गया, जिसके बाद रहमान को औपचारिक रूप से BNP का प्रमुख चुना गया। इससे पहले वे एक्टिंग चेयरमैन की भूमिका निभा रहे थे।

‘डार्क प्रिंस’ की छवि

तारिक रहमान को BNP का ‘डार्क प्रिंस’ भी कहा जाता है। 2005 में अमेरिकी विदेश विभाग की एक केबल, जिसे बाद में WikiLeaks ने सार्वजनिक किया था, उसमें उन्हें इस नाम से संबोधित किया गया था। उस दौर में राजनीतिक हिंसा और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों के चलते वे विवादों में रहे।

‘शैडो PMO’ और पुराने आरोप

2001 से 2006 के बीच BNP-जमात गठबंधन सरकार के दौरान खालिदा जिया प्रधानमंत्री थीं, लेकिन राजनीतिक हलकों में असली ताकत तारिक रहमान को ही माना जाता था। वे उस समय ‘हवा भवन’ से काम करते थे, जिसे ‘शैडो PMO’ कहा जाता था। 2007 में केयरटेकर सरकार के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया और करीब 17 महीने हिरासत में रखा गया। मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया गया था। हालांकि 2024 में छात्र आंदोलन के बाद बदले राजनीतिक घटनाक्रम में उनके खिलाफ कई फैसले पलट दिए गए।

भारत की प्रतिक्रिया

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई देते हुए एक लोकतांत्रिक और प्रगतिशील बांग्लादेश के समर्थन का भरोसा जताया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या तारिक रहमान अपने अतीत की विवादित छवि से आगे बढ़कर बांग्लादेश को स्थिर और समावेशी नेतृत्व दे पाएंगे। भारत चाहता है कि पिछले 18 महीनों की उथल-पुथल को पीछे छोड़कर, जिसमें बांग्लादेश का चीन और पाकिस्तान के साथ बढ़ता संपर्क और हिंदू अल्पसंख्यकों की हत्याएं शामिल रहीं, एक स्थिर और कामकाजी रिश्ता बनाया जाए ताकि दशकों पुराना सहयोगी साथ बना रहे।

यह भी पढ़ें: राजस्थान बजट 2026: क्या महंगा, क्या सस्ता? यहां देखें पूरी लिस्ट

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *