सवाई माधोपुर के राठौद गांव में आयोजित ‘बगड़ावत संगम महोत्सव’ का एक वीडियो इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सामाजिक एकता के मंच से गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष और बीजेपी नेता विजय बैंसला ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर तंज कस दिया, जिसके बाद सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
मंच से क्या बोले बैंसला?
कार्यक्रम के दौरान बैंसला ने देवली-उनियारा से बीजेपी विधायक राजेंद्र गुर्जर का नाम लेते हुए कहा, “मुझे जब टिकट मिला तो राजेंद्र गुर्जर अपना फोन बंद करके बैठ गए। वो राजेंद्र गुर्जर, जिन्हें कर्नल साहब ने हाथ पकड़कर टिकट दिलवाया था, वो तो अपना फोन बंद कर बैठ गए। मैं क्या करूं भाई… वो भी संघर्ष समिति के थे। इस बयान के बाद कार्यक्रम का माहौल कुछ देर के लिए सियासी रंग में रंग गया। गौरतलब है कि साल 2023 के विधानसभा चुनाव में विजय बैंसला देवली-उनियारा सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बाद में हुए उपचुनाव में टिकट की दावेदारी के बावजूद पार्टी ने राजेंद्र गुर्जर को मैदान में उतारा।
बयान के सियासी मायने
बैंसला के इस बयान को गुर्जर आरक्षण आंदोलन की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। आंदोलन से निकले नेताओं के बीच अंदरूनी खींचतान की चर्चा पहले भी होती रही है। ऐसे में सार्वजनिक मंच से दिया गया यह बयान बीजेपी और गुर्जर समाज के भीतर नई बहस को जन्म दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पार्टी विरोधी गतिविधियों और आंतरिक गुटबाजी को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं।
हार्दिक पटेल ने क्या कहा?
कार्यक्रम में मौजूद बीजेपी नेता हार्दिक पटेल ने गुर्जर समाज की गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए 24 बगड़ावत भाइयों की लोकगाथाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विलुप्त होती परंपराओं को पुनर्जीवित करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का माध्यम बनेंगे। पटेल ने यह भी कहा कि पटेल, पाटीदार, कुनबी, कुर्मी, मराठा, गुर्जर और कापू मूल रूप से एक ही सामाजिक धारा से जुड़े हैं।
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