पाली, जालोर, सिरोही और बाड़मेर जैसे सूखा प्रभावित इलाकों में पेयजल संकट को स्थायी रूप से हल करने के लिए माही डैम को जवाई बांध से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब जल्द ही ज़मीनी स्तर पर काम शुरू करेगा। बुधवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सुमेरपुर विधायक व पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के बीच इस परियोजना को लेकर अहम बैठक हुई।
बैठक में लगभग 7 हजार करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मंत्री कुमावत ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बजट वर्ष 2024-25 में मानसून के समय माही और सोम नदियों के अधिशेष जल को जयसमंद और अन्य बांधों को भरते हुए जवाई बांध तक लाने की घोषणा की थी। अब इस घोषणा को अमल में लाने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
डीपीआर बनाने के लिए जल संसाधन विभाग ने 15.60 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति दे दी है। इस कार्य के लिए जल संसाधन खंड सलूंबर के अधिशासी अभियंता द्वारा वाप्कोस लिमिटेड को कार्यादेश जारी कर दिए गए हैं। वाप्कोस ने इन्सपेक्शन रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसे विभाग द्वारा अनुमोदन मिल गया है।
इस परियोजना के पूरा होने पर पाली, सिरोही, जोधपुर और उदयपुर जिले में न केवल पेयजल संकट दूर होगा, बल्कि करीब 16 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा भी मिलेगी। यह परियोजना इन क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।