मिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत आयात शुल्क का कड़ा विरोध करना चाहिए। भारत में क्यूबा के साथ एकता की राष्ट्रीय समिति और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) द्वारा मंगलवार शाम आयोजित एक संयुक्त कार्यक्रम में स्टालिन ने ट्रंप द्वारा मनमाने तरीके से भारी आयात शुल्क लगाने की आवश्यकता पर सवाल उठाया, जबकि व्यापार वार्ता के छठे दौर के लिए तारीखें तय की जा रही हैं।
स्टालिन ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता के पांच दौर पहले ही पूरे हो चुके हैं और छठे दौर के लिए तारीखों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ऐसे समय में ट्रंप द्वारा अचानक अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा की क्या आवश्यकता है? इस कार्यक्रम में माकपा नेताओं एम.ए. बेबी और के. बालाकृष्णन की मौजूदगी में भारत में क्यूबा के राजदूत जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा को एक चेक भी सौंपा गया।
ट्रंप के इस दावे पर कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम की मध्यस्थता की थी, स्टालिन ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि संसद में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब न देना मोदी की कमजोरी को दर्शाता है।
स्टालिन ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय संकट में है और साम्राज्यवाद को कुचलने की जरूरत है। उनके अनुसार, साम्राज्यवादी षड्यंत्र सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाना भी ऐसे षड्यंत्र का हिस्सा है।