राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम-2001 की धारा 55 और 57 के तहत लंबित प्रकरणों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी कार्यवाही अधिनियम के प्रावधानों और SOP के अनुसार होनी चाहिए ताकि प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी की जा सके।
वीसी के माध्यम से हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने विगत उपलब्धियों पर संतोष जताया और जांच परिणामों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। इसके लिए प्रधान कार्यालय स्तर पर पहल करने को कहा गया।
न्यायालय में लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग, कोर्ट स्टे हटवाने के प्रयास, नोटिस की तामील और रिकॉर्ड की प्रक्रिया समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिन मामलों में कार्यवाही पूरी हो चुकी है, उनकी रिपोर्ट तुरंत प्रधान कार्यालय और संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय को भेजने को कहा गया।
जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे अधिक लंबित प्रकरणों वाले खंडों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अतिरिक्त रजिस्ट्रार शिल्पी पांडे, अजय उपाध्याय, शिरीष चांदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि अन्य जिला अधिकारी और बैंक प्रतिनिधि VC के माध्यम से जुड़े।