Ajmer : आनासागर झील पर त्रिदिवसीय श्रमदान का सफल समापन

By admin
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अभियान का समापन और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

अजमेर की जीवनरेखा, आनासागर झील (Anasagar Lake) के तट पर “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान (Vande Ganga Water Conservation Public Campaign)” के अंतर्गत आयोजित त्रिदिवसीय श्रमदान अभियान (Three-day Labor Donation Campaign) का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस अभियान में जल संसाधन एवं जल संसाधन आयोजना मंत्री सुरेश सिंह रावत (Suresh Singh Rawat) ने स्वयं भाग लिया और वरुण सागर पुलिस चौकी के समीप आनासागर तट पर श्रमदान कर जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया।

सराहनीय योगदान के लिए सम्मान

समापन समारोह के अवसर पर, रावत ने विभिन्न सामाजिक संगठनों और अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले प्रतिभागियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र (Certificates of Appreciation) प्रदान किए।

आनासागर: अजमेर का गौरव और मुख्यमंत्री का विजन
इस अवसर पर बोलते हुए, सुरेश सिंह रावत ने आनासागर झील को अजमेर (Ajmer) की पहचान और गौरव बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) के नेतृत्व में 5 से 20 जून तक चल रहे इस राज्यव्यापी जल संरक्षण अभियान (State-wide Water Conservation Campaign) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण (Conservation of Water Sources) करना और भूजल स्तर (Groundwater Level) को बढ़ाना है। उन्होंने त्रिदिवसीय श्रमदान को जन भागीदारी (Public Participation) और प्रेरणा का एक सफल उदाहरण बताया।

पेयजल समस्या का स्थायी समाधान: मोर सागर पर जलाशय का प्रस्ताव

जल संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए, रावत ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट में नालों की सफाई (Drain Cleaning) के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है, जिससे चरणबद्ध तरीके से सफाई कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने अजमेर जिले की भविष्य में पेयजल समस्या (Drinking Water Problem) के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की भी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मोर सागर (Mor Sagar) पर एक रिजर्वायर (Reservoir) का निर्माण प्रस्तावित है, जो मिनी बीसलपुर (Mini Bisalpur) के रूप में कालीसिंध, चंबल और अन्य नदियों के जल को एकत्र कर पेयजल के लिए उपलब्ध कराएगा।

वर्षा जल संचयन और सीएसआर फंड का उपयोग

रावत ने यह भी बताया कि जल संचयन (Water Harvesting) के लिए वर्षाजल (Rainwater) के संकलन और उसके शोधन कर वन क्षेत्र में उपयोग के लिए बजटीय स्वीकृति प्रदान कर प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने इस अभियान को व्यापक जनसहयोग (Public Support) मिलने पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि इसके अंतर्गत बड़े उद्योगों के सीएसआर फंड (CSR Fund / Corporate Social Responsibility Fund) से भी कार्य कराए जाएंगे।

सामूहिक शपथ और भविष्य की दिशा

अभियान के समापन पर, सुरेश सिंह रावत ने उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण (Water Conservation), विवेकपूर्ण जल उपयोग (Judicious Water Use), वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण (Conservation of Traditional Water Sources) और प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली (Plastic-free Lifestyle) अपनाने की शपथ दिलाई। यह अभियान अजमेर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

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