Syria में असद सरकार के पतन के बाद अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक, अमेरिका, इजराइल और तुर्की ने Syria के विभिन्न इलाकों में हमला किया है। ये हमले न केवल सैन्य महत्व रखते हैं, बल्कि इनका उद्देश्य क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित करना भी है।
तुर्की ने उत्तरी सीरिया में मनबिज पर किया कब्जा
तुर्की के रिबेल फोर्स (तुर्की समर्थित सीरियाई विद्रोही समूह) ने उत्तरी सीरिया के मनबिज क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। मनबिज, जो पहले कुर्दिश सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्स (SDF) के नियंत्रण में था, 2016 में ISIS से मुक्त किया गया था। तुर्की राष्ट्रपति रेसेप एर्दोगन ने इस जीत का स्वागत करते हुए कहा कि वे अब मनबिज से ‘आतंकवादियों’ का सफाया करेंगे।
अमेरिका और तुर्की के बीच एक समझौता हुआ था जिसके तहत कुर्द लड़ाकों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया है। यह समझौता Syria में अमेरिका और तुर्की के बीच एक नया सामरिक मोर्चा स्थापित करता है। तुर्की का यह कदम सीरिया के कुर्द आबादी वाले क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश को दर्शाता है, जो तुर्की के लिए सुरक्षा चिंता का कारण बनते हैं।
इजराइल का दमिश्क में हमला
इजराइल ने सोमवार को सीरिया के दमिश्क क्षेत्र में 100 से ज्यादा मिसाइल हमले किए। ये हमले दमिश्क के पास स्थित बरजाह साइंटिफिक रिसर्च सेंटर पर हुए, जिसे पश्चिमी देशों का शक है कि यहां असद सरकार ने रासायनिक हथियार छिपा रखे हैं। इजराइल ने कहा है कि उसने ये हमले सीरिया के हथियारों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए किए हैं, ताकि सीरियाई विद्रोहियों के हाथ ये अत्याधुनिक हथियार न लग जाएं।
इजराइली सेना का यह कदम सीरिया की शासक सरकार के खिलाफ लगातार हमलों का हिस्सा है, जो इजराइल और पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। इजराइल ने सीरिया की गोलान हाइट्स पर 50 साल बाद पहली बार सैनिकों को तैनात किया था और अब वे सीरिया के दक्षिणी इलाके में, केवल 21 किलोमीटर दूर दमिश्क के बाहरी इलाके में घुस चुके हैं।
अमेरिकी हमले: ISIS के खिलाफ कार्रवाई
अमेरिका ने मध्य सीरिया में आतंकवादी संगठन ISIS के ठिकानों पर 75 से ज्यादा हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों के बारे में जानकारी दी, जिसमें B-52 बॉम्बर और F-15E फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों में ISIS के कई लड़ाके मारे गए और उनके ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
क्षेत्रीय शक्तियों का संतुलन और भविष्य की स्थिति
Syria में चल रही इस हिंसक स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। इस संघर्ष में अमेरिका, इजराइल और तुर्की की भागीदारी से सीरिया की स्थिति और भी जटिल हो गई है। असद सरकार के खिलाफ यह हमले न केवल सीरिया के भीतर संघर्ष को बढ़ा रहे हैं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित कर रहे हैं।
इजराइल, अमेरिका और तुर्की का यह हमला सीरिया के समग्र सुरक्षा ढांचे के लिए एक नई चुनौती पेश करता है। विशेषकर जब इजराइल और तुर्की सीरिया के विभिन्न इलाकों में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका भी ISIS के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए है, जो सीरिया में लंबे समय से चल रहे आतंकवादियों के खिलाफ संघर्ष को जारी रखे हुए है।
Syria की आंतरिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
Syria में असद सरकार का संघर्ष अब केवल एक आंतरिक संकट नहीं रह गया है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण बन गया है। रूस, ईरान, अमेरिका, इजराइल और तुर्की जैसे बड़े देशों के हित Syria में टकरा रहे हैं, जो आने वाले दिनों में इस युद्ध के परिणामों को और भी प्रभावित कर सकते हैं।
इस संघर्ष का भविष्य सीरिया के लिए कठिन होने वाला है, जहां एक तरफ असद सरकार और उसकी सहयोगी ताकतें अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय शक्तियां Syriaके विभिन्न हिस्सों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की योजना बना रही हैं।
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