Trump की चेतावनी: गाजा में बंधकों की रिहाई न होने पर शुरू हो सकती है लड़ाई
अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने हाल ही में गाजा में बढ़ती स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने शुक्रवार को एक बार फिर हमास को चेतावनी दी कि अगर शनिवार तक गाजा में बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों को रिहा नहीं किया जाता, तो परिणामों के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
Trump का कहना था, “मैं नहीं जानता कि कल 12 बजे क्या होगा, लेकिन यह मेरे हाथ में है और मैं सख्त कदम उठाऊंगा।” उनका यह बयान इस बात को लेकर था कि हमास की गतिविधियों और बंधकों के खिलाफ किए गए अत्याचारों पर अब उन्हें किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखाई जाएगी।
हमास से बंधकों की रिहाई का आग्रह
Trump ने कहा कि हमास ने बंधकों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया है और उनके रिहा होने के बाद उनकी हालत बहुत खराब हो गई थी। पत्रकारों से बातचीत में Trump ने बताया कि पिछले सप्ताह जिन बंधकों को रिहा किया गया, उनकी हालत बहुत कमजोर थी।
उन्होंने कहा कि हमास ने इन लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया और इस वजह से वे पूरी तरह से शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो गए। Trump ने इस मुद्दे पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह इस समय सीमा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाएंगे।
इजरायल और हमास के बीच तनाव
Trump की चेतावनी के बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस मुद्दे पर सख्त बयान दिया। नेतन्याहू ने कहा कि अगर हमास बंधकों को रिहा नहीं करता, तो इजरायल फिर से गाजा में संघर्ष शुरू कर सकता है। इस समय, मिस्त्र और कतर के मध्यस्थों के प्रयासों से युद्धविराम समझौते के तहत तीन बंधकों को रिहा करने का फैसला लिया गया है। Trump के समर्थन के बाद नेतन्याहू ने यह स्पष्ट कर दिया कि अगर बंधकों को रिहा नहीं किया गया, तो इजरायल को अपनी अगली रणनीति तैयार करनी होगी, जो युद्ध में वृद्धि का कारण बन सकती है।
हमास द्वारा रिहा किए जाने वाले तीन बंधक
हमास ने घोषणा की है कि वह शनिवार को तीन बंधकों को रिहा करेगा। इन बंधकों में इयार हार्न, अमेरिकी नागरिक सागुई डेकेल-चेन और रूसी नागरिक एलेक्जेंडर साशा ट्रोफानोव शामिल हैं। यह कदम युद्धविराम पर सहमति बनने के बाद मिस्त्र और कतर के मध्यस्थों द्वारा किए गए प्रयासों का परिणाम है। हालांकि, बंधकों की रिहाई को लेकर कई दिन तक अनिश्चितता बनी रही। हमास ने यह भी संकेत दिया है कि इजरायल के बदले में वह 369 फलस्तीनी कैदियों की रिहाई की उम्मीद करता है।
विवादास्पद मुद्दे: बंधकों के बदले कैदियों की रिहाई
हमास ने यह शर्त रखी है कि इजरायल को 369 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा। हालांकि, इस मुद्दे पर इजरायल में भी गंभीर मतभेद हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस पर स्पष्ट रूप से कहा कि हमास द्वारा रिहा किए गए तीन बंधकों के बदले 369 फलस्तीनी कैदियों को रिहा करना इजरायल के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। नेतन्याहू ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हमास अपनी शर्तों को नहीं बदलता, तो इजरायल को अपनी सुरक्षा नीति में बदलाव करना पड़ेगा।
इजरायल द्वारा बंधकों की रिहाई: युद्धविराम के बाद कदम
हाल ही में हुए युद्धविराम समझौते के तहत, इजरायल ने 33 बंधकों को रिहा करने का निर्णय लिया है। इसके बदले में, इजरायल ने कुछ फलस्तीनी कैदियों और बंधकों को रिहा करने का वादा किया है। युद्धविराम के दौरान, गाजा में इजरायली सैनिकों की वापसी भी निर्धारित की गई है। हालांकि, इस समझौते को लागू करने में कई कठिनाइयाँ आई हैं और हमास ने लगातार बंधकों की रिहाई में देरी की है।
सीमा पर स्थिति: संघर्ष का खतरा बरकरार
गाजा में स्थिति अब भी अत्यंत नाजुक है। Trump और नेतन्याहू दोनों ही इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि अगर हमास बंधकों को रिहा नहीं करता, तो संघर्ष फिर से तेज हो सकता है। Trump ने कहा कि स्थिति में तेजी से बदलाव हो सकता है और गाजा में लड़ाई कभी भी शुरू हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मुद्दे में उनका रुख बेहद सख्त रहेगा, ताकि हमास को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मजबूर किया जा सके।
आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?
यदि हमास ने बंधकों को रिहा नहीं किया, तो यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि गाजा में संघर्ष फिर से तेज हो सकता है। इजरायल और हमास के बीच अनसुलझे मुद्दे और गाजा में लगातार तनाव की स्थिति को देखते हुए, यह चिंता का विषय बना हुआ है। Trump ने संकेत दिया है कि अगर हमास अपने फैसले पर अड़ा रहा, तो अमेरिका और इजरायल की ओर से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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