जयपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को विशेष विमान से जयपुर पहुंचे, जहां उन्होंने जयपुर एग्जिबिशन एंड कंवेंशन सेंटर (JECC) में आयोजित तीन नए आपराधिक कानूनों पर आधारित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। पिछले तीन महीनों में शाह का यह राजस्थान का तीसरा दौरा है, जिससे इस कार्यक्रम को विशेष महत्व मिल गया है।
एक जुलाई 2024 से लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्रदर्शनी में कानूनों के क्रियान्वयन से आए बदलावों और तकनीकी सुधारों को प्रदर्शित किया गया है।
इस दौरान अमित शाह राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 के तहत मिले निवेश प्रस्तावों में से 4 लाख करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया साथ ही करीब 9,600 करोड़ के 1100 विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया।इसके साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 150 यूनिट मुफ्त बिजली योजना के पंजीकरण की भी औपचारिक शुरुआत हुई।
शाह ने कहा — 2027 के बाद 3 साल में न्याय मिलेगा; विकास और न्याय का संतुलन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का यह आयोजन विकास और न्याय दोनों का समन्वय करने वाला है। उन्होंने कहा कि तीनों नए आपराधिक कानून — भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — देश की न्याय प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन लाने का माध्यम हैं। शाह ने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के नागरिकों को संविधान प्रदत्त अधिकार समय पर और सुलभ तरीके से प्राप्त हों। उन्होंने बताया कि इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक प्रदर्शनी की शुरुआत की गई है।
साथ ही कहा कि 2027 के बाद देश में दर्ज होने वाली हर एफआईआर के मामले में अब न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक तेज होगी। उन्होंने भजनलाल शर्मा द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका समय थोड़ा बढ़ाकर दीपावली के अगले दिन तक रखा जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें।
केंद्रीय गृह मंत्री ने आपराधिक न्याय प्रणाली से जुड़े सभी लोगों — चाहे वे पुलिसकर्मी हों, वकील हों या कानून के छात्र हों — से आग्रह किया कि वे इस प्रदर्शनी अवश्य देखें। शाह ने बताया कि प्रदर्शनी के माध्यम से जनता यह समझ सकेगी कि कैसे 160 साल पुराने पुराने कानूनों को हटाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए तीन नए कानूनों के जरिए आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने में लगभग दो साल लगेंगे, लेकिन 2027 के बाद दर्ज किसी भी एफआईआर में न्याय सुनिश्चित रूप से तीन साल के अंदर सुप्रीम कोर्ट तक मिलेगा।
सीएम भजनलाल बोले — भारत अब अपनी शर्तों पर बोलता है
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नए कानून स्वतंत्र भारत के न्याय तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सीमा पर संघर्ष की बात हो या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बातचीत की, आज भारत अपनी शर्तों पर बोलता है और अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करता।
सीएम ने कहा कि जी-20 की अध्यक्षता से लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका तक, हर जगह विश्व को भारत की शक्ति और आत्मनिर्भरता का एहसास हो रहा है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
गृह मंत्री के आगमन को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। BSF के विशेष विमान से सुबह 11:40 बजे शाह के आगमन पर जयपुर एयरपोर्ट को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित किया गया। एयरपोर्ट के अंदरूनी हिस्से में CISF ने मोर्चा संभाला, जबकि बाहरी क्षेत्र में राजस्थान पुलिस ने निगरानी रखी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत आसपास की इमारतों पर पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है, वहीं CRPF के जवान भी सुरक्षा घेरे में शामिल हैं। इससे पहले आयोजित ASL मीटिंग में सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारियां और रूट की रूपरेखा तय की गई थी।
अमित शाह का यह दौरा न केवल राजस्थान के लिए राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है, बल्कि राज्य में नई आपराधिक संहिताओं के प्रति जनजागरूकता और निवेश माहौल को भी नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।