Donald Trump के आते ही Ukraine से समझौते को तैयार हुए व्लादिमीर पुतिन, रखी एक शर्त

By Editor
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Donald Trump के राष्ट्रपति बनने के बाद यूक्रेन पर समझौते के लिए तैयार हुए व्लादिमीर पुतिन, एक शर्त रखी

हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के आगामी चुनावों में Donald Trump की जीत के बाद यूक्रेन पर समझौता करने की पेशकश की है। पुतिन ने कहा कि यदि Donald Trump राष्ट्रपति पद संभालते हैं, तो रूस यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए समझौते के लिए तैयार है। हालांकि, पुतिन ने इस समझौते के लिए एक शर्त रखी है, जो यह है कि इसमें केवल यूक्रेन की वैध सरकार को ही शामिल किया जाए।

यूक्रेन पर समझौते के लिए पुतिन की शर्त
पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस किसी भी पक्ष के साथ वार्ता के लिए तैयार है, यहां तक कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ भी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समझौते के लिए यूक्रेन को भी अपनी वैध सरकार को शामिल करने के लिए तैयार रहना चाहिए। पुतिन के अनुसार, यूक्रेन की युद्ध स्थिति को समझने के बाद दोनों पक्षों के बीच एक समझौता संभव है, बशर्ते दोनों पक्ष तैयार हों।

यूक्रेन युद्ध पर पुतिन का रुख
पुतिन ने इस बात को भी खारिज किया कि रूस युद्ध में कमजोर स्थिति में है। उनका कहना था कि 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद से रूस लगातार मजबूत हो रहा है। पुतिन का कहना था कि यदि यूक्रेन वार्ता के लिए तैयार हो, तो रूस भी समझौते के लिए सहमत हो सकता है, लेकिन अस्थायी युद्ध विराम के लिए वह तैयार नहीं हैं। उनका कहना था कि दोनों पक्षों को एक मजबूत और स्थिर समझौते के लिए वार्ता करनी चाहिए, न कि अस्थायी समाधान की ओर बढ़ना चाहिए।

Donald Trump के साथ बातचीत का अवसर
व्लादिमीर पुतिन ने यह भी कहा कि उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंबे समय से कोई बातचीत नहीं की है, लेकिन अगर Donald Trump राष्ट्रपति बनते हैं, तो वह यूक्रेन युद्ध पर बातचीत के लिए तैयार हैं। पुतिन ने कहा कि Donald Trump के साथ मिलने पर वह दोनों देशों के बीच रिश्तों पर चर्चा करेंगे और संभावित समझौते की दिशा पर भी विचार करेंगे। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस के लिए यूक्रेन से कोई खतरा नहीं है और वह किसी भी समय समझौते के लिए तैयार हैं, बशर्ते यूक्रेन की वैध सरकार इस प्रक्रिया में भाग ले।

नाटो और रूस के रिश्ते
इस इंटरव्यू में पुतिन ने नाटो के विस्तार पर भी अपनी चिंता जताई। उनका कहना था कि नाटो का विस्तार रूस के खिलाफ आक्रामकता को बढ़ावा दे रहा है। पुतिन ने यह दावा किया कि रूस ने अपनी सुरक्षा के लिए यूक्रेन पर हमला किया और यह कदम पूरी तरह से उचित था। उनका कहना था कि यदि नाटो की विस्तारवादी नीति नहीं होती, तो रूस को युद्ध की आवश्यकता नहीं होती।

यूक्रेन युद्ध में रूस की स्थिति
वर्तमान में रूस यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा किए हुए है। पुतिन ने इसे सही ठहराते हुए कहा कि नाटो के विस्तार और पश्चिमी देशों की आक्रामक नीति के कारण रूस को यूक्रेन पर हमला करना पड़ा। उन्होंने इस हमले को एक रक्षा कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया, जिसे उन्होंने मजबूरी में लिया था। पुतिन का मानना है कि अगर रूस ने यह कदम नहीं उठाया होता, तो रूस को और भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते।

अमेरिका और रूस के बीच संभावित संबंध
Donald Trump के राष्ट्रपति बनने पर रूस-अमेरिका संबंधों में भी बदलाव आ सकता है। ट्रंप पहले भी पुतिन के साथ अच्छे संबंधों का पक्षधर रहे हैं और यह संभावना जताई जा रही है कि ट्रंप के आने से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नया अवसर मिल सकता है। पुतिन के बयान से यह स्पष्ट होता है कि रूस Donald Trump के साथ बातचीत को लेकर सकारात्मक है और अगर ट्रंप राष्ट्रपति बने, तो यह एक बड़ा राजनीतिक कदम हो सकता है।

समझौते की दिशा में एक नई शुरुआत
पुतिन की इस बातचीत से यह साफ होता है कि रूस यूक्रेन के साथ किसी भी समझौते के लिए तैयार है, बशर्ते उसे अपनी शर्तों पर समझौता करना हो। यह दर्शाता है कि रूस अब यूक्रेन से स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ सकता है, बशर्ते पश्चिमी देशों की आक्रामक नीतियों को शांत किया जाए। अगर ट्रंप के साथ बातचीत होती है, तो यह एक नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत हो सकती है।

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