Manipur में अनिवार्य विधानसभा सत्र नहीं आयोजित किया गया: IBOBI

By Editor
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IBOBI

Manipur: कांग्रेस विधायक दल के नेता ओकरेम IBOBI का संविधान उल्लंघन का आरोप

Manipur: कांग्रेस विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओकरेम IBOBI ने मणिपुर सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार संविधान में उल्लिखित नियमों का पालन करने में विफल रही है। उनका कहना है कि मणिपुर विधानसभा का सत्र संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत निर्धारित समय पर बुलाया जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की है। उनका आरोप है कि सरकार ने जानबूझकर इस संवैधानिक दायित्व की अनदेखी की है, जिसके कारण राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हालात पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं।

संविधान में उल्लिखित अनुच्छेद 174 का उल्लंघन

Manipur: IBOBI ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 174 के अनुसार, राज्य विधानसभा का सत्र कम से कम तीन बार हर वर्ष आयोजित किया जाना चाहिए। आम तौर पर एक वर्ष में तीन प्रमुख सत्र होते हैं – बजट सत्र, शरद सत्र और शीतकालीन सत्र। इन सत्रों के दौरान सरकार की कार्यप्रणाली, बजट, राज्य की आर्थिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होती है, जो लोकतंत्र के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में शीतकालीन सत्र के आयोजन को लेकर कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी गई है, जबकि यह सत्र आमतौर पर दिसंबर महीने में आयोजित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने संविधान की अवहेलना करते हुए इस सत्र के आयोजन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है, जो राज्य के लोकतांत्रिक तंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है।

शीतकालीन सत्र की अनिश्चितता

Manipur: IBOBI ने यह भी बताया कि आमतौर पर विधानसभा सत्र के आयोजन के लिए 15 दिन पहले नोटिस जारी किया जाता है, ताकि सभी विधायकों और अन्य संबंधित पक्षों को समय मिल सके। हालांकि, इस बार शीतकालीन सत्र को लेकर न तो कोई नोटिस जारी किया गया है, और न ही सरकार ने किसी प्रकार की जानकारी दी है। इससे राज्य के राजनीतिक हलकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कांग्रेस पार्टी और उसके समर्थकों ने इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता जताई है।

IBOBI ने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र के न होने से न केवल सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, बल्कि यह राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए भी एक बड़ा संकट बन सकता है। उनका कहना है कि सरकार का यह रवैया तानाशाही की ओर इशारा करता है, जहां नियम और कानून का पालन नहीं हो रहा है।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने की घोषणा

Manipur: इस मुद्दे को लेकर IBOBI ने बताया कि कांग्रेस पार्टी ने राज्यपाल एल.पी. आचार्य को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें विधानसभा सत्र के आयोजन को लेकर सरकार की निष्क्रियता पर चिंता जताई गई है। ज्ञापन की प्रतियां विधानसभा स्पीकर सत्यव्रत और मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह को भी सौंपे गए हैं, ताकि इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र ध्यान दिया जा सके।

IBOBI ने कहा कि राज्यपाल से उम्मीद है कि वे सरकार से इस मुद्दे पर सवाल करेंगे और संविधान का पालन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार इस मुद्दे पर जल्द ही कोई कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस पार्टी आगे और भी कदम उठाने के लिए तैयार है, ताकि राज्य में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की जा सके।

राज्य में तानाशाही का आरोप

Manipur: IBOBI ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मणिपुर में आजकल जो हालात बन रहे हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य में लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाली सरकार की बजाय एक तानाशाही शासन स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून का कोई राज नहीं रह गया है और सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों को नजरअंदाज कर रही है।

IBOBI कहा कि यह पूरी स्थिति राज्य की जनता के लिए चिंता का विषय बन चुकी है, क्योंकि लोकतंत्र की असल ताकत विधानसभा में बहस और चर्चा में ही है। यदि विधानसभा सत्र का आयोजन नहीं होगा, तो यह सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि सरकार के कार्यों पर निगरानी रखने और उसे उचित रूप से जवाबदेह बनाने का कोई तरीका होगा।

नियमों के पालन की मांग

Manipur: कांग्रेस पार्टी के नेता ने यह भी कहा कि सरकार को संविधान के अनुच्छेद 174 का पालन करते हुए विधानसभा का सत्र बुलाना चाहिए और आम जनता को यह विश्वास दिलाना चाहिए कि राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से सक्रिय हैं। इबोबी ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर सभी लोकतांत्रिक रास्तों का पालन करते हुए सरकार से सवाल करेगी, ताकि राज्य के संविधान और लोकतंत्र की रक्षा हो सके।


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