राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती लोकसभा सांसद Mukesh Rajput और प्रताप सारंगी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। दोनों सांसदों को गत 19 दिसंबर को संसद परिसर में हुई धक्का-मुक्की में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने सोमवार को जानकारी दी कि दोनों सांसदों की हालत अब स्थिर है और उन्हें छुट्टी दे दी गई है।
धक्का-मुक्की में घायल होने के कारण अस्पताल में भर्ती
गुरुवार, 19 दिसंबर को संसद परिसर में एक अप्रत्याशित घटना हुई, जब प्रताप सारंगी और Mukesh Rajput धक्का-मुक्की के शिकार हो गए। इस घटना के बाद दोनों सांसदों को तुरंत राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया।
प्रताप सारंगी को आंख के ऊपर गहरी चोट लगी थी, जबकि Mukesh Rajput ने सिर में भारीपन और चक्कर आने की शिकायत की थी। दोनों सांसदों को तत्काल एमआरआई जांच से गुजरने के बाद अस्पताल में निगरानी में रखा गया।
सांसदों का उपचार और स्थिति की निगरानी
Mukesh Rajput: अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, दोनों सांसदों की चिकित्सा स्थिति में अब सुधार हो गया है। उनकी एमआरआई रिपोर्ट सामान्य आई और डॉक्टरों द्वारा उनकी नियमित निगरानी की गई। दोनों सांसदों को चिकित्सीय देखरेख के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
प्रताप सारंगी की आंख के ऊपर गहरी चोट लगने के कारण उनकी आंख की स्थिति में सुधार लाने के लिए उन्हें कुछ दिनों तक आराम की सलाह दी गई थी। वहीं, Mukesh Rajput के सिर में भारीपन और चक्कर आने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें कुछ समय के लिए पूरी तरह से आराम करने की सलाह दी थी।
दोनों सांसदों ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें जल्दी ही स्वस्थ महसूस हो रहा है।
संसद में घटना पर हुई चर्चा
Mukesh Rajput: संसद परिसर में हुई इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई थी। कई सांसदों और राजनीतिक दलों ने इस घटना की निंदा की और इसकी जांच की मांग की। हालांकि, घटना के बारे में पूरी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों सांसदों के इलाज के दौरान अस्पताल में काफी तवज्जो दी गई।
इस घटना के बाद संसद के भीतर भी सुरक्षा के मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई सांसदों ने इस बात पर चिंता जताई है कि संसद परिसर में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जाना चाहिए।
राम मनोहर लोहिया अस्पताल का योगदान
राम मनोहर लोहिया अस्पताल, जो कि दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में से एक है, ने इस हादसे में घायल हुए सांसदों का कुशल इलाज किया। अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने दोनों सांसदों को त्वरित और प्रभावी चिकित्सा प्रदान की, जिसके बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
अस्पताल के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि दोनों सांसदों को उनकी स्थिति के आधार पर नियमित मेडिकल जांच की सलाह दी गई थी, ताकि भविष्य में किसी भी जटिलता से बचा जा सके।
आगे की योजना
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद, दोनों सांसदों ने कहा कि वे जल्द ही अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए संसद में वापसी करेंगे। प्रताप सारंगी और Mukesh Rajput दोनों ने इस घटना के बाद अपने समर्थकों का भी आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दी।
उन्होंने यह भी कहा कि वे आगे से अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखेंगे, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। दोनों ने इस घटना को एक दुर्घटना मानते हुए इसके बारे में कोई अधिक टिप्पणी करने से बचा।